रविवार दोपहर तीन बजे शहर के प्रत्येक चौराहों को पुलिस के बस्तरबंद जवानों ने घेर लिया। हाथ में डंडे लेकर उच्चाधिकारियों ने फ्लैग मार्च शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों और जवानों के बूटों की आवाज शहर की सड़कों पर गूंजी तो हर कोई चौंक गया। अचानक हुए पुलिस के फ्लैग मार्च और सरगर्मी बढ़ने का लोग कारण जानने परेशान दिखे। फोन की घंटियां घनघनाने लगी। पुलिस के फ्लैग मार्च की जानकारी होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
जुमा अलविदा और ईद उल फितर को लेकर पुलिस प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा का खाका तैयार करने के साथ ही रविवार को शहर की सड़कों फ्लैग मार्च किया गया। इससे पूर्व नगर के सुभाष तिराहा, गांधी पार्क चौराहा, सेंट्रल चौराहा, सदर बाजार, जामा मस्जिद, घंटाघर, इमामबाड़ा, नालबंद, जाटवपुरी, नगला बरी और रसूलपुर चौराहा को पुलिस के बस्तर बंद जवानों को तैनात किया गया था। शाम करीब चार बजे एसएसपी पीयूष श्रीवास्तव, एसपी सिटी उदय शंकर सिंह, सीओ सिटी राजेश चौधरी ने कोतवाल उत्तर, दक्षिण, रसूलपुर और रामगढ़ थानाध्यक्ष और पुलिस पीएसी के साथ शहर की सड़कों का भ्रमण कर लोगों को सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाया। तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
पहली बार देखी ऐसी सख्ती
पुलिस की कार्रवाई को लेकर पहले भले ही सहमे हो, लेकिन कारण जानने के बाद वह पुलिस की सख्ती को देखकर राहत की सांस लेते नजर आए। लोगों का कहना था कि यदि पुलिस इसी तरह की कार्रवाई समय रहते करती रहे तो असामाजिक तत्व आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के साथ शहर की फिजां को भी खराब करने के साथ अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सकें।