जसराना। इंडियन बैंक में हुए आर्थिक घोटाले की जांच एसआईटी कर रही है। मामले में पुलिस पीड़ितों से संपर्क कर रही है। प्रार्थनापत्र लेने के साथ ही साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। अपने खातों के बारे में जानकारी लेने के लिए बैंक में ग्राहकों का पहुंचना जारी है। पीड़ित ग्राहकों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
घिरोर रोड पर मौजूद इंडियन बैंक की शाखा जसराना में आर्थिक घोटाले के मास्टरमाइंड पूर्व शाखा प्रबंधक राघवेंद्र सिंह पर अन्य साथियों के साथ मिलकर 91 ग्राहकों के खाते से 1.85 करोड़ रुपये का गबन करने का आरोप है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बैंक कैशियर जयप्रकाश, बैंककर्मी आकाश मिश्रा, ठेकेदार प्रवीन कुमार, होमगार्ड कुंवरपाल एवं वीरवहादुर को जेल भेजा है।
मामले में पुलिस गहनता से जांच कर रही है। पुलिस पीड़ित ग्राहकों के पास पहुंच रही है। पीड़ितों से प्रार्थना पत्र लेने के साथ उनके पास मौजूद साक्ष्यों को एकत्रित कर रही है। वहीं अन्य ग्राहक भी बैंक में पहुंचकर अपने खातों की जानकारी की जा रही है। लोगों की माने तो पीड़ित ग्राहकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। हालांकि बैंक द्वारा अभी तक पुलिस को कोई लिस्ट नहीं दी गई है। थाना प्रभारी ने बताया मामले में जांच की जा रही है। पीड़ितों से मिलकर साक्ष्य एकत्रित करने का कार्य किया जा रहा है। बैंक द्वारा जांच में सहयोग किया जा रहा है। संदिग्धों के खाते पर पूरी नजर है। अभी अन्य पीड़ितों की जानकारी बैंक द्वारा नहीं दी गई है।
आर्थिक अपराध शाखा की टीम कर सकती है बैंक घोटाले की जांच
इंडियन बैंक की शाखा जसराना में पूर्व शाखा प्रबंधक, कैशियर ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर लगभग दो करोड़ रुपये का घोटाला किया है। पूरे मामले की जांच एसएसपी द्वारा गठित एसआईटी द्वारा की जा रही हैं। बैंक से संदिग्ध लोगों के खातों को सीज करने के साथ ही उनकी डिटेल ली जा रही है। वहीं चर्चा है कि मामला काफी चर्चा में रहने के साथ बड़ा है। पूरे मामले में जांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा भी की जा सकती है। वहीं सीओ जसराना अमरीश कुमार सिंह ने कहा पूरे मामले में जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है। आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जाने वाली जांच की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। स्थानीय पुलिस द्वारा ही पूरे मामले की जांच की जाएगी। पांच लोग जेल जा चुके हैं। अन्य लोग भी जल्दी ही गिरफ्त में होंगे।