पुलिस के अनुसार दीपेश और अमित मुटरेजा ने राहुल को अपने जाल में फंसाने के लिए एक अन्य सुनील कुमार निवासी गुरुग्राम हरियाणा को भी अपने साथ मिला लिया। एक पखवाड़ा पूर्व तीनाें ने मिलकर राहुल गुप्ता को दिल्ली स्थित एक निजी कार्यालय में बुलाया। जहां तीनों ने मिलकर राहुल को एनजीओ के कागज देने के साथ ही 13 करोड़ का फंड एक विदेशी कंपनी से दिलाने का झांसा दिया। राहुल गुप्ता आरोपियों के झांसे में आ गया। तीनों ने राहुल को एक दिन बाद 13 करोड़ का फर्जी चेक एनजीओ फंड के रूप में पकड़ा दिया।
13 करोड़ में पांच प्रतिशत टैक्स व खुद के कमीशन के रूप में राहुल से कुल 59 लाख की नकदी अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराने के साथ पांच लाख की धनराशि के आभूषण सहित लगभग 64 लाख रुपये का चूना लगा दिया। ठगी की जानकारी होने पर पीड़ित ने पुलिस व साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
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पुलिस के अनुसार आरोपी लगातार पुलिस से बचने के लिए हर दिन अपना ठिकाना बदलते रहे। इन लोगों ने अपने परिवार से बात भी राहगीरों के मोबाइल से की। इससे पकड़ में न आए। वहीं घर के कई सदस्यों से व्हाट्सएप कॉल से लगातार संपर्क में रहे। पुलिस ने आठ दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद इन बड़े ठगों को पकड़ा। टीम में एका थाना प्रभारी अंजीश कुमार भी साथ रहे।
पांच लाख की नकदी व कार बरामद
एसपी ग्रामीण कुमार रणविजय सिंह ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए जालसाजों से सोने व हीरा के आभूषण, चार लाख की नकदी, पांच कीमती मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 15 पासबुक, दो कार वरना ओर ब्रिजा के अलावा चुरू राजस्थान निवासी एक व्यक्ति का आधार कार्ड बरामद किया। पुलिस ने तीनों को जेल भेजा है।
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ठगों ने गोवा ट्रिप में खर्च कर दिए 19 लाख रुपये
एसपी ग्रामीण ने बताया कि ठगी करने के बाद यह लोग गोवा ट्रिप पर गए। यहां इन्होंने 19 लाख रुपये खर्च कर दिए। इसके बाद खरीदारी की और जिन लोगों का उधार रुपया था उनका पटाया। इसके बाद इनके पास से मात्र 35 लाख रुपये का सामान बरामद हुआ है।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि पकड़े गये मास्टर माइंड अमित कुमार मुटरेजा जवाहर नगर जयपुर राजस्थान के साथ उक्त लोग गोवा ट्रिप पर गए थे। उन्होंने बताया कि मुटरेजा ने किसी युवक की नौकरी लगवाने के लिए एक व्यक्ति को रुपये दिलाए थे। जिसके बाद रुपये लेकर वह व्यक्ति भाग गया। जब पीड़ित मुटरेजा से रुपये वापस करने की मांग करने लगा तो उसने अपने साथियों के साथ आईआरएस अधिकारी बन कर राहुल गुप्ता को 13 करोड़ का फायदा कराने का झांसा देकर उससे 64 लाख रुपये की ठगी कर ली।
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उन्होंने बताया कि अमित कुमार मुटरेजा, सुनील और दीपेश चौधरी निवासी अनगदा सादाबाद हाथरस जो सगे भाई हैं को गिरफ्तार कर लिया। इनके अलावा छह इनके साथी अभी फरार हैं। फरार साथियों में नरेश सीआरपीएफ का जवान निवासी फरिंदा, संजीव, वंदना, रामदेव और ओमप्रकाश निवासी चुरु राजस्थान और ओमवीर अलवर राजस्थान हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।