शिकोहाबाद। नारायण डिग्री कॉलेज की छात्राओं के यौन उत्पीड़न के गुमनाम पत्र ने महाविद्यालय की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट निर्देश पर पुलिस ने सोमवार को महाविद्यालय जाकर मामले की जांच-पड़ताल की। पुलिस ने सभी छात्राओं से इस मामले में अपने बयान दर्ज कराने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इससे संबंधित एक नोटिस प्राचार्य को रिसीव कराते हुए उसकी छायाप्रति नोटिस बोर्ड पर चस्पा की गई है।
वर्ष 2024 में एमएससी द्वितीय वर्ष की छात्राओं को प्रयोगात्मक परीक्षा में अनुपस्थित होने का मामला महाविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में आया था। जिसमें जांच कमेटी गठित करते हुए छात्राओं के बयान दर्ज करते हुए उनकी समस्या का समाधान किया गया था। इसके बाद वर्ष 2025 में छात्राओं के यौन उत्पीड़न का गुमनाम पत्र प्रकाश में आया। जिसमें जन्तु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष पर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला सुर्खियों में आने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने इस पत्र की जांच के लिए शिकोहाबाद पुलिस को निर्देशित किया था। जिसके तहत सोमवार को साढ़े 12 बजे करीब इंस्पेक्टर शिकोहाबाद पुलिस टीम के साथ महाविद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्राचार्य प्रो. विजय कुमार से बातचीत करते हुए मामले की जांच-पड़ताल की। इसके बाद उन्होंने इस मामले से संबंधित नोटिस प्राचार्य को रिसीव कराया है। महाविद्यालय की कोई भी छात्रा इस मामले में अपने बयान पुलिस के समक्ष या फिर महाविद्यालय प्राचार्य के समक्ष आगामी एक सप्ताह में दर्ज करा सकती है।
शिकोहाबाद पुलिस इस मामले की जांच के लिए महाविद्यालय गई थी। जहां प्राचार्य को नोटिस रिसीव कराते हुए महाविद्यालय में चस्पा भी किया गया है। जिसमें छात्राओं को बयान दर्ज कराने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
अखिलेश भदौरिया, एसपी ग्रामीण