फिरोजाबाद। पथ विक्रेताओं को पीएम स्वनिधि के तहत दस-दस हजार की ऋण राशि जारी करने में शिथिलता बरते रहे सात बैंक शाखाओं के प्रबंधकों के विरुद्ध उनके उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई हैं। कई बार मौखिक और लिखित निर्देशों का अनुपालन नहीं करने पर डीएम ने यह कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार पीएम स्वनिधि योजना के तहत पथ विक्रेताओं को उनकी आजीविका सुचारु रखने के लिए दस-दस हजार की ऋण राशि देने की योजना है। इस योजना के तहत जिले में कुल 31 हजार पथ विक्रेताओं को ऋण राशि जारी किए जाने का लक्ष्य है लेकिन बैंक शाखा प्रबंधक शासन की प्राथमिकता वाली इस योजना में सहयोग नहीं कर रहे हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने संबंधित बैंक शाखा प्रबंधकों के साथ बैठक पात्रता श्रेणी वाले पंजीकृत पथ विक्रेताओं को ऋण राशि जारी किए जाने के निर्देश दिए थे बावजूद भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, सुहागनगर शाखा, शिकोहाबाद, टूंडला के अलावा एका शाखा प्रबंधकों ने पात्र पथ विक्रेताओं को ऋण राशि जारी नहीं की।
इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया की छह, बैंक ऑफ बडौदा की एक, पीएनबी मुख्य शाखा सुहागनगर फिरोजाबाद, केनरा बैंक टूंडला, इंडियन बैंक फिरोजाबाद के अलावा इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा फिरोजाबाद के प्रबंधकों के विरुद्ध उनके उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है।
पुराना लक्ष्य पूर्ण नहीं, नया लक्ष्य निर्धारित
शासन ने स्ट्रीट वेंडर पीएम स्वनिधि योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 24279 नए पथ विक्रेताओं का लक्ष्य निर्धारित किया है। निगम एरिया सहित छह अन्य पालिका व नगर पंचायतों में संख्या निर्धारण किया गया है। जबकि पहले लक्ष्य 31 हजार स्ट्रीट वेंडर को स्वनिधि दिलाने के सापेक्ष अभी तक महज 11032 को ही विभिन्न बैंक शाखाओं के माध्यम से स्वनिधि के रूप में दस-दज हजार की ऋण राशि जारी की गई है।