फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पितृपक्ष में पिंडदान करने से होती है मोक्ष की प्राप्ति

विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद। पितृपक्ष में पिंडदान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। पितृ प्रसन्न होते हैं उनका आशीर्वाद मिलने के साथ जिनके ऊपर पितृदोष होता है वह समाप्त हो जाता है। इस लिए पितृपक्ष के दौरान सभी को पिंडदान अवश्य करना चाहिए।
विज्ञापन

पंडित देवकिशोर महाराज कहते हैं पितृपक्ष में पितरों को जल प्रतिदिन अर्पण करना चाहिए। सनातन धर्म की यह परंपरा है किपितृपक्ष में अपने पितरों की पूजा अर्चना के साथ पिंडदान अवश्य करना चाहिए। पिंडदान करने से पितृ प्रसन्न होते है। श्राद्ध करने के दौरान कौआ, चीटी के साथ विप्रों को भोजन कराना व दान देना उचित होता है।
पंडित संजय चतुर्वेदी ने पितृपक्ष का महत्व समझाते हुए कहा कि पितृपक्ष में हमेशा खरीदारी करने, शुभ कार्य को करने से बचना चाहिए। बताते हैं कि ऐसे में शुभ कार्य अशुभ ही माने जाते हैं। ऐसा मानना है कि यदि ऐसा कुछ शुभ कार्य को करोगे तो पितृ नाराज हो जाएंगे। पितृपक्ष के दौरान पितरों का सम्मान करने के साथ ही दान आदि करना चाहिए।
विज्ञापन

पंडित रामशंकर कहते हैं कि पितृपक्ष में यदि अपने परिवार के किसी पूर्वज की मृत्यु तिथि की जानकारी नहीं है तो पितृपक्ष की अमावस्या के दिन तर्पण करना चाहिए। इसी दिन सभी भूले बिछड़ों को पिंडदान किए जाने के साथ ही जीव-जंतु को भोजन कराने के साथ दान करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं, वह कहते हैं कि हवन-पूजन, तर्पण व दान-पुण्य करने से पूर्वजों का आशीर्वाद पूरे परिवार को मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें