जलेसर रोड झील की पुलिया के निकट देवकी नगर में एक साल से जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों ने मंगलवार को दोपहर में नगर निगम गेट के सामने जाम लगाकर हंगामा, नारेबाजी की। पुलिस ने आक्रोशित महिला पुरुषों को समझाबुझाकर जाम खुलवाया।
पालिका सीमा में शामिल हुईं 13 ग्रामसभाओं की सूरत नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद भी नहीं बदल पा रही है। क्षेत्र में विकास कार्य तो दूर मूलभूत सुविधाएं भी नसीब नहीं हो रही हैं। जलेसर रोड झील की पुलिया के निकट स्थित देवकी नगर में महीनों से बरसात का पानी भरा हुआ है। इसके अलावा आसपास बह रहे नाले-नालियों का भी पानी गलियों में भर रहता है।
क्षेत्र में जलनिकासी का कोई साधन न होने के कारण हालात दिनों दिन खराब होते जा रहे हैं। कई घरों के अंदर तक जलभराव की स्थिति पैदा होने से मकान गिरने की आशंका बनी हुई है। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे चार-पांच दर्जन महिला-पुरुष नगर निगम कार्यालय पहुंचे। वहां किसी अधिकारी केम ौजूद न होने से लोगों में आक्रोश भड़क गया। उन्होंने नगर निगम गेट के सामने जाम लगा दिया। हंगामा कर नारेबाजी की।
कुछ ही देर में सुभाष तिराहे से लेकर गांधीपार्क से सदर बाजार तक जाम के हालात पैदा हो गया। इससे लोगों को खासी परेशानी हुई। पुलिस एवं नगर निगम अफसरों ने बमुश्किल जाम खुलवाया। पंकज राठौर, पप्पू बघेल, वीरेंद्र, जयवीर, प्रवीन, रूप सिंह, वीरपाल, अमित, मुन्नीदेवी, शांतिदेवी, ऋपीपाल, यशोदा, चंद्रवती, शकुंतलादेवी, गीतादेवी, राजबेटी थीं।
स्कूली बच्चे भी जाम में फंसे
जाम में स्कूली बच्चे भी फंस गए। काफी देर तक जाम न खुलने के कारण बच्चे भूख प्यास से परेशान नजर आए।
जाम स्थल पर पैदल पहुंचे अफसर
नगर निगम गेट के सामने जाम लगने के कारण हालात गंभीर बन गए। कोई भी वाहन मौके तक नहीं पहुंचा सका। सूचना पर पहुंचे पुलिस एवं नगर निगम के अफसरों को वाहन रास्ते में छोड़कर पैदल ही नगर निगम के गेट तक पहुंचना पड़ा।
देवकी नगर में लंबे समय से बरसात एवं नाले-नालियों का पानी भरा हुआ है। क्षेत्र में जाकर जलभराव की समस्या को देखा गया है। समस्या के निदान को अभी ट्राली लगवाकर पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। बुधवार को फिर से क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थायी निदान का प्रयास किया जाएगा।
प्रमोद कुमार, उपनगर आयुक्त