फीरोजाबाद। जिले में व्यापक पैमाने पर हो रही बिजली कटौती जनता के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। रात में घंटों तक लोकल स्तर पर बिजली कटौती की जा रही है तो दिन में मुरादाबाद कंट्रोल से। भीषण गर्मी में मुरादाबाद से तीन घंटे से रोस्टिंग ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए।
सुहागनगरी में बिजली व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। बिजली आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। कब बिजली चली जाए, कब तक आए, यह किसी को पता नहीं। विभागीय अफसर भी बिजली गायब होते ही फोन बंद कर लेते हैं। सुबह, दोपहर, शाम, रात्रि हर समय जनता को बिजली कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी लोगों को रात्रि के समय होने वाली कटौती से उठानी पड़ रही है। देर रात्रि तक पूरा शहर में अंधकार में डूबा रहता है। बिजली जाते ही लोगों की नींद उड़ जाती है फिर बिजली आने के इंतजार में लोग खुली छतों में चहलकदमी करते नजर आते हैं। रात्रि में भी घंटों की कटौती के दौरान से पसीने से लथपथ होकर बाहर टलते नजर आए। विद्युत आपूर्ति सुचारु होने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली। सोमवार सुबह बिजली की लुकाछुपी जारी रही। 11:20 बजे मुरादाबाद कंट्रोल से पूरे शहर की बत्ती गुल कर दी गई। भीषण गर्मी के मौसम में घंटों तक बिजली गायब होने से हर कोई परेशान नजर आए। विभागीय अफसरों के साथ बिजली घरों के फोन खटखटाए, परंतु कोई जानकारी नहीं मिली। अपराह्न में करीब 2.30 बजे विद्युत आपूर्ति सुचारु हुई। इसके बाद भी देर रात्रि तक बिजली कटौती का खेल चलता रहा।
नारखी क्षेत्र के किसानों ने कहा नहीं हुआ सुधार तो होगा आंदोलन
फीरोजाबाद/नारखी (ब्यूरो)। बिजली की अघोषित कटौती ने इस क्षेत्र के किसानों की नींद उड़ा दी। विद्युत अभाव में खेतों में खड़ी मिर्च की फसल सूखने के कगार पर ही पहुंच गई। यदि प्रशासन ने समय रहते आपूर्ति में सुधार ही नहीं किया तो क्षेत्र के किसान आंदोलन को बाध्य होंगे।
आसफाबाद में स्थित विद्युत उप संस्थान से नारखी फीडर को आपूर्ति की जाती है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में दिन में 10:30 बजे से अपराह्न 4:30 बजे तक तथा रात्रि में दस बजे से दो बजे तक बिजली की कटौती रुटीन में होती है। फीरोजाबाद शहर का लोड कब बढ़ जाए किसी को कोई पता नहीं इसके कारण कभी भी बिजली काट दी जाती है। लतीफपुर कोटला के पूर्व प्रधान सुरेंद्रपाल सिंह ने कहा कि प्रशासन तुगलकी फरमार तो जारी कर देता है कि जिसने बिल नहीं भरा उनके कनेक्शन काट दो, सीधे ही एफआईआर दर्ज करा दो। लेकिन कभी प्रशासन के इन अफसरों ने किसानों का दर्द उनकी करीब आकर देखने का प्रयास नहीं किया। नारखी क्षेत्र में कोई नहर का पानी नहीं आता। रजबहा माइनर सूखे हैं। पिछले एक पखवाड़े से सभी रिकार्ड ही टूट गए। खेतों में खड़ी सर्वाधिक लागत वाली मिर्च की फसल भी बर्बादी के कगार पर पहुंच गई। किसानों ने कहा कि यदि शीघ्र ही आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को बाध्य होंगे। चेतावनी देने वालों में कोटला के अशोक कुमार, प्रदीप,राजकुमार, रामकुमार, लाखन सिंह, दिनेशपाल सिंह, मुन्नीलाल, रामचंद्र गोस्वामी, आदर्श सिंह, धीरेंद्रपाल सिंह, महीपाल आदि शामिल हैं।