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12 लाख का भुगतान, ग्रामीणों को नहीं मिली फूटी कौड़ी

Thu, 08 Sep 2016 11:52 PM IST
Amar Ujala
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12 लाख का भुगतान, ग्रामीणों को नहीं मिली फूटी कौड़ी - फोटो : Amar Ujala
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ग्रामीण बोले डीएम की बात रखने को गहने गिरवी रख कर बनवाए थे शौचालय
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गुस्साए ग्रामीणों ने स्लोगन लिखने पहुंची टीम को बैरंग लौटाया

ओडीएफ घोषित गांव संदलपुर के बाशिंदों ने बुधवार को स्वच्छ भारत मिशन के स्लोगन अंकित करने पहुंची टीम को बैरंग लौटा दिया। ग्रामीण इस बात से खफा हैं कि उन्हें शौचालय निर्माण के पैसे अभी तक नहीं मिले। सरकारी रिकार्ड में सौ शौचालय की धनराशि गांव को दी गई है। ग्रामीणों के विरोध के चलते मजबूरन टीम को एक ही शौचालय पर कई नारों को अंकित करने को विवश होना पड़ा। एक ग्रामीण इतने गुस्से में था उसने शौचालय पर लिखे स्लोगन पर गोबर का लेप कर दिया। किसी ने ईंटों को रख लिया तो किसी ने गड्ढों को खत्म कर दिया।
हाथवंत ब्लाक के 700 आबादी वाले संदलपुर में आवासों की संख्या 175 के करीब होगी। तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद ने ओडीएफ अभियान के तहत इसे चुना। ग्रामीण डीएम के सुझाव पर शौचालय निर्माण को तैयार हो गए। ग्रामीणों से तब कहा था शौचालय बनवाएं और 12 हजार की दर से धनराशि मिलेगी। ग्रामीणों की मानें तो शौचालय बनवाने का काम भी काफी तेजी से किया। सचिव रवेंद्र सिंह ने ईंटों के साथ बालू एवं टिनशेड के गेट मंगाए। ग्रामीणों की मानें तो पैसा लेकर सामान खरीदना पड़ा। प्रदेश में सबसे पहले फीरोजाबाद जिले के चार गांव ओडीएफ घोषित हुए उनमें संदलपुर भी शामिल था। ग्रामीण राकेश लोधी का शौचालय आज तक अधूरा है। बोले कि पैसा देने की बात कही थी परंतु आज तक फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। शिवचरन का शौचालय पूर्ण नहीं हो सका। हाकिम सिंह पुत्र कालीचरन ने कहा कि हमारे लिए आए पैसे सचिव ने नहीं दिए तो शौचालय कैसे बनवाते? आखिर उसमें ईंटों को भरवाया है। हरभेजी की विधवा बेटी कोल्ड स्टोरेज में काम करके पेट भरती है। उसके घर शौचालय तो बना लेकिन पैसा किसी को नहीं मिला। बेटी के गहनों को गिरवी रखकर पैसा लाने को विवश हुई थी। एक वर्ष पूर्व ही ओडीएफ घोषित होने के बाद गांव में ईंट, बालू एवं गेट आज तक  पड़े हुए हैं। बुधवार को गांव में स्वच्छ भारत मिशन के स्लोगन लिखने पहुंची। पैसा नहीं मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने स्लोगनों को नहीं लिखने दिया। टीम आखिर एक-एक शौचालय में कई कई स्लोगन लिखने को विवश हुई।
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ग्रामीण बोले हमारे साथ हुआ धोखा
प्रशासन एवं सचिव ने हमारे साथ धोखा किया। पहले शौचालय बनवाने के बाद पैसा देने की बात कही। लेकिन सुविधा संपन्न को छोड़ो गरीबों तक को पैसा नहीं दिया।
राजबहादुर सिंह, ग्रामीण संदलपुर

शौचालय बनवाने के बाद पैसा देने की बात कही थी। कर्ज लेकर शौचालय बनवाया। हम गरीबों को आज तक फूटी कौड़ी सचिव ने नहीं दी।
वीरवती, महिला संदलपुर
 
शौचालय तो डीएम के कहने पर बनवा लिया लेकिन 12 हजार देने की बात कही थी, वह आज तक नहीं मिला। सेक्रेटरी तो अब गांव में आते भी नहीं हैं।
सीमा देवी, महिला संदलपुर

मेरी विधवा बेटी के जेवर तक शौचालय के खातिर चले गए। लेकिन आज तक शासन से फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। झोपड़ी में हम रहते हैं। आखिर कहां गया शासन से मिला पैसा।
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हरभेजी देवी, महिला संदलपुर

संदलपुर गांव को 12 हजार प्रति शौचालय की दर से 12 लाख रुपये का भुगतान सौ शौचालय के लिए किया गया है। ग्रामीणों को भुगतान नहीं किया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
यतेंद्र सिंह यादव, डीपीआरओ फीरोजाबाद
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