फिरोजाबाद। बेहतर इलाज की आस में मेडिकल कॉलेज में रोज करीब 1200 मरीज पहुंचते हैं। यहां भी सरकारी सुविधाओं का उन्हें पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। एक सप्ताह से सीटी स्कैन मशीन खराब है। जांच के लिए मरीजों को निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। वहीं गरीब मरीज निराश लौट रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में शासन ने सीटी स्कैन करने का ठेका एक प्राइवेट एजेंसी कृष्णा डायग्नोस्टिक लिमिटेड पुणे को पीपीपी माडल पर दिया है। हर रोज 40 से 50 मरीज सीटी स्कैन कराते थे। एक सप्ताह से अधिक समय से सीटी स्कैन मशीन खराब है। प्राइवेट में सीटी स्कैन कराने पर 1500 रुपये खर्च करना पड़ रहा है।
सीएमएस डाॅ. नवीन जैन ने बताया की मशीन का एक पुर्जा खराब हो गया है। इसके ठीक होने में 15 दिन लग सकते हैं। एक नई मशीन शासन से मिल गई है। जल्द ही उसे स्थापित करा दिया जाएगा।
नई आई करोड़ों की सीटी स्कैन मशीन को ठिकाने की तलाश
मेडिकल कॉलेज में करोड़ों रुपये की सीटी स्कैन मशीन शासन ने भेजी है। इस मशीन को स्थापित करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आयुष विंग को चिन्हांकित किया था। मगर, आयुष विंग के कर्मचारियों ने बिल्डिंग खाली कराने पर विरोध शुरु कर दिया है। ऐसे में अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन को स्टॉल नहीं किया जा सकता है। यह मशीन खुद ठिकाने तलाश रही है।