फार्मासिस्ट, नर्स और ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन संघ की हड़ताल का असर
1400 मरीजों को करना पड़ा परेशानी का सामना
जरूरी दवाओं के लिए लिया मेडिकल का सहारा
स्वास्थ्य विभाग में हुई हड़ताल से मरीजों को दवा के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। जिले भर के डिप्लोमा फार्मासिस्ट एवं राजकीय नर्सेस संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। वायरल के प्रकोप से एक तरफ सैकड़ों की संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे। मगर बिना दवा लिए वापस लौटना पड़ा। हालांकि संविदा कर्मियों के अचानक कार्य पर लौटने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है।
प्रतिदिन दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर रहे डिप्लोमा फार्मासिस्ट ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
जिला अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी में करीब 1400 मरीजों ने चिकित्सकों की सेवाएं ली। मगर उन्हें दवा न मिलने पर मजबूरन वापस होना पड़ा। जरूरी दवाओं को मरीज बाहर के मेडिकल से खरीदते दिखे। वहीं, गरीब तबके से जुडे़ मरीजों को काफी दिक्कतें का सामना करना पड़ा। स्टाफ नर्सों भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर आ गई। हालांकि संविदाकर्मियों एवं टीएलएम नर्सों ने व्यवस्थाएं संभाल लीं। इधर, जिला महिला अस्पताल में इलाज के लिए आ रही गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशु को भी दवा के लिए दिक्कतें हुईं। फार्मासिस्टों ने दवा स्टोर की तालाबंदी कर दी। वहीं, देहात क्षेत्रों के फार्मासिस्ट एवं स्टाफ नर्स जिला अस्पताल में चल रहे धरने में शामिल हुए। आप्टीकल एसोसिएशन ने भी हड़ताल रखी। इससे आंखें टेस्ट कराने आ रहे बुजुर्ग मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
फार्मासिस्टों ने दिया धरना
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ जयवीर सिंह के नेतृत्व में जिले भर के फार्मासिस्टों ने जिला अस्पताल में धरना दिया। अध्यक्ष जयवीर सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट संवर्ग की वेतन विसंगतियों, पद सृजन, संवर्ग का पुनर्गठन सहित सभी मांगों को सकारात्मक लिया जाए। ब्लड बैंक एवं पोस्टमार्टम हाउस में फार्मासिस्टों की तैनाती दे दी गई है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों द्वारा इस पदों पर कार्य न लेकर ड्रग एवं फार्मेसी एक्ट का उल्लंघन किया जा रहा है। धरना प्रदर्शन में डाक्टर वेदप्रकाश राठौर, डाक्टर सुभाष यादव, डाक्टर महावीर सिंह, डाक्टर यतींद्र कुमार, डाक्टर जगदीश, डाक्टर नीरज बघेल आदि शामिल रहे।
राजकीय नर्सेस संघ ने किया प्रदर्शन
राजकीय नर्सेस संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल करते हुए जिला अस्पताल में धरना प्रदर्शन किया। मंत्री कृष्णा बंसल ने कहा कि हमारी मांग है कि डॉ राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई एवं जीएमयू के समान वेतन दिया जाए। दो सौ बेड पर एक नर्सिंग अधीक्षक का पद रखा जाए। धरना में शकुंतला राठौर, रामगोपाल सिंह, कल्पना, किरन गुप्ता, माध्वी यादव आदि मौजूद रहे। वहीं, ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन ने भी प्रदेश आह्वान पर धरना प्रदर्शन किया।
क्या कहते हैं मरीज
सांवरी देवी ने कहा कि वह शुगर से पीड़ित है। कई दिन से डाक्टर नहीं बैठे थे। मगर अब डाक्टर बैठे हैं तो दवा नहीं मिल रही है। बहुत दिक्कत बढ़ गई है।
सैलई निवासी रतनलाल ने कहा कि टीवी का इलाज कराया था। सांस फूल रही है, मगर यहां सुना है कि दवा की हड़ताल है। बाहर से दवा महंगी हम खरीद नहीं सकते।
महिला अस्पताल में आई तबस्सुम ने कहा कि बच्चों को दवा दिलाने के लिए आए हैं। तबियत खराब है। लेकिन यहां दवा नहीं मिल रही है तो बाहर से खरीदनी पडे़गी।
नहीं हुई शुगर की जांच
स्यौंडा से शुगर की जांच कराने के साथ ही शुगर की दवा लेने आईं मुन्नीदेवी ने कहा कि कई दिन से अस्पताल के चक्कर लगाने के बाद भी उनकी शुगर की जांच नहीं हो पा रही है। बिठवारा के श्यामवीर का पूरा परिवार खुजली की बीमारी से पीड़ित है। मंगलवार को पत्नी एवं बच्चों के साथ दवा लेने सीएचसी पहुंचा तो न तो पर्चा बना और न दवा मिली। डाक्टरों से गुहार लगाने का भी कोई फायदा नहीं हुआ।