स्कूल प्रधानाचार्य की हठधर्मिता के कारण गुरुवार को छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। पार्किंग पर खड़ा हुआ बखेड़ा बच्चाें और उनके अभिभावकों के लिए मुसीबत बन गया। वाहनों को स्कूल पार्किंग में खड़ा न करने के बाद वाहन चालक हड़ताल पर चले गए, जिस कारण उन्हें निजी वाहनों से विद्यालय पहुंचना पड़ा। स्कूल पहुंचकर अभिभावकों ने स्कूल के बाहर और प्रिंसिपल कार्यालय में जमकर हंगामा किया। ेेवहीं प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को पार्किंग की सुदृढ़ व्यवस्था करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
स्कूल वाहन चालकों की हड़ताल के बाद बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे अभिभावकों ने गेट पर हंगामा किया। अभिभावक प्रिंसिपल कार्यालय पहुंच गए। इस पर कालेज प्रशासन के हाथपैर फूल गए। उन्होंने सभी को गेट से बाहर करते हुए चंद लोगों से बातचीत की। अभिभावकों के हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। अभिभावक सिटी मजिस्ट्रेट को बुलाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों की प्रधानाचार्य फादर रोजीमन थामस से नोंकझोंक हुई, तो कालेज के अन्य शिक्षक बचाव की मुद्रा में नजर आए। वहीं वाहन चालकों की हड़ताल के कारण बहुत से बच्चे तो स्कूल ही नहीं गए। अभिभावक सुबह और दोपहर बच्चों को लाने ले जाने पहुंचे। लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
बताते चलें कि बुधवार को तहसील दिवस के दौरान सदर तहसील में कुर्री कूपा निवासी गुलाब सिंह यादव एडवोकेट ने सेंट जोंस के बाहर वाहन खड़ा करने की शिकायत की थी। शिकायत के निस्तारण को सिटी मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह, एआरटीओ रामसिंह यादव सेंट जोंस स्कूल पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रिंसिपल फादर रोजीमन थॉमस से वाहनों को अंदर पार्किंग में लगवाने को कहा तो फादर ने वाहनों को स्कूल में खड़ा कराने से इनकार कर दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट से मिले प्रिंसिपल
सिटी मजिस्ट्रेट से मिलने के लिए सेंट जोंस स्कूल के प्रिंसिपल फादर रोजीमन थॉमस पहुंचे। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट से एक सप्ताह का समय मांगते हुए सड़क पर वाहन खडे़ करने की अनुमति मांगी। इस पर प्रिंसिपल ने स्कूल प्रबंध समिति से बातचीत करके पार्किंग की व्यवस्था करने की बात कही। सिटी मजिस्ट्रेट ने एक सप्ताह का समय दिया, लेकिन इस दौरान सड़क किनारे एक लाइन में ही वाहनों को खड़ा करने की अनुमति दी है।
पार्किंग का नहीं पता, स्कूल की ले ली मान्यता
सेंट जोंस सहित शहर के कई स्कूलों के वाहन सड़कों पर होते हें खड़े
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। शहर के अधिकतर स्कूलों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं। सभी के वाहन बाहर सड़कों पर खड़े होते हैं। मान्यता देते समय शिक्षा बोर्ड इन बिंदुओं पर नजर नहीं रखता है। वाहन पार्किंग स्थल की औपचारिकताएं पूरी करने वाले स्कूल संचालक मनमाने तरीके से सड़कों पर ही पार्किंग बना देते हैं। यह मामला अकेले सेंट जोंस कालेज का ही नहीं, बल्कि शहर के अधिकतर स्कूल-कालेज और कोचिंग सेंटरों का है। इन जगहों पर अक्सर जाम के हालत बनते हैं। अधिकारियों के बच्चे इन कॉलेजों में पढ़ते हैं, जिस कारण स्कूल संचालक मनमानी तक पर उतर आते हैं। सेंट जोंस कालेज में वाहन पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद गुरुवार को शहर के अधिकतर स्कूलों की स्थिति का जायजा लिया। जहां पर स्कूलों के वाहन सड़कों पर खडे़ नजर आए।
प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद सीनियर सैकेंड्री स्कूल: यहां की पार्किंग कालेज परिसर के बजाय सड़क पर नजर आई। स्कूल वाहनों ने आधी सड़कों को घेरे लिया, जिससे आवागमन में कठिनाई आ रही थी।
किड्स कॉर्नर स्कूल: यहां एडमिशन प्रक्रिया चल रही है। इसलिए अभिभावकों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। दुपहिया वाहन सड़कों पर खडे़ हुए थे। राहगीरों को आने जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। जाम जैसे हालात बने रहे।
एमजीएम मांटेसरी स्कूल स्टेशन: सड़क पर ऑटो रिक्शा खडे़ नजर आए। छुट्टी हुई तो जाम जैसे हालत बन गए।
नियम सभी के लिए बराबर है। स्कूल संचालक पार्किंग की व्यवस्था कर लें, जिससे वाहन पार्किंग में खडे़ हो और जाम से मुक्ति मिल सके। अन्यथा अभियान चलाया जाएगा, सड़क पर खडे़ वाहनों को सीज कर दिया जाएगा। जिम्मेदारी स्कूल एवं कोचिंग संचालकों की होगी।
रविंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट