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फसल अवशेष प्रबंधन के लिए गांव व पंचायतों में तैयार किए जाएंगे खाद के गड्ढे

Sat, 07 Nov 2020 12:09 AM IST
आगरा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। खेतों में फसल अवशेष जलाने वाले किसानों वाले किसानों को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल की जाएगी। मनरेगा योजना के माध्यम से फसल अवशेष से खाद बनाने के लिए गांव व पंचायतों में खाद के गड्ढे बनाए जाएंगे। इस पूरी कवायद को अमली जामा पहनाने को मनरेगा योजना का सहारा लिया जाएगा।
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वायु प्रदूषण का कारण बनी फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक के लिए अब ठोस पहल की जा रही है। किसान खेतों में फसल अवशेष यानि पराली नहीं जलाएं इसके लिए उन्हें मनरेगा योजना के माध्यम से खाद के गड्ढे बना कर दिए जाएंगे। इससे फसल अवशेष के माध्यम से उच्च जैविक क्षमता वाली कंपोस्ट खाद का निर्माण किया जा सके। मनरेगा योजना के सहारे की जा रही इस कवायद के दौरान अगर किसान फसल अवशेष प्रबंधन के लिए खुद खाद के गड्ढे तैयार करेंगे तो उन्होंने मनरेगा श्रमिकों को मिलने वाले श्रमांश की भांति 201 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान दिया जाएगा। अन्यथा की स्थिति में मनरेगा श्रमिकों से ग्राम पंचायतों के चिह्नित स्थलों पर खाद के गड्ढे तैयार कराए जाएंगे। जिला स्तर पर इस बाबत व्यापक कार्य योजना तैयार कर ली गई। कार्य योजना के तहत जिले की सभी 569 ग्राम पंचायतों में दस-दस उच्च क्षमता वाले कंपोस्ट पिट यानि खाद के गड्ढे तैयार किए जाएंगे। इसके लिए अधिकांश पंचायतों में स्थल चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सोमवार से जिले भर की पंचायतों में खाद के गड्ढे तैयार कराने का काम शुरू होगा।

फसल अवशेष प्रबंधन जरूरी है। सर्दियों में धान व अन्य फसलों के अवशेष जलाने को लेकर एनजीटी सख्त है। वहीं किसानों को भी जागरूक होना होगा। किसान फसल अवशेषों को जलाने की जगह उसे खाद बनाने में इस्तेमाल करें। जिले में करीब पांच हजार खाद के गढ्ढा तैयार कराने का लक्ष्य रखा है।
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नेहा जैन मुख्य विकास अधिकारी
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