फतेहाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निबोहरा की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सोमवार को निबोहरा में ग्रामीणों व भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह की एक पंचायत आयोजित हुई। पंचायत में निबोहरा एवं आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं का 7 दिन के भीतर प्रभावी समाधान नहीं किया गया, तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निबोहरा पर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि पूर्व में चिकित्सक की अनुपस्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि रिकॉर्ड में लंबे समय तक अनाधिकृत अनुपस्थिति या अन्य अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार वेतन की वसूली एवं विभागीय कार्रवाई की जाए, जिसमें बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन की खराब स्थिति पर भी सवाल उठाए गए। पंचायत में यह स्पष्ट किया गया कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि ग्रामीणों को बेहतर और पूर्ण सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए है।
सिर्फ मेडिकल आफिसर का आना पूर्ण समाधान नहीं
पंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मेडिकल आफिसर का अब आना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन केवल मेडिकल ऑफिसर की उपस्थिति को समस्या का पूर्ण समाधान नहीं माना जा सकता। अस्पताल में सभी स्वीकृत पदों पर पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता, आवश्यक दवाइयां, जांच सुविधाएं, उपकरण, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बिजली तथा अन्य निर्धारित स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना भी विभाग की जिम्मेदारी है। पंचायत के निर्णय के अनुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी, आगरा के नाम अंतिम ज्ञापन सीएचसी फतेहाबाद के अधीक्षक डॉ. अभिषेक चौहान को सौंपा गया। पंचायत में प्रदीप सिंह, जिला प्रवक्ता आगरा, वीरभान सिंह प्रधान फौजी, जिला अध्यक्ष सैन्य प्रकोष्ठ, बीरी सिंह, तहसील अध्यक्ष, श्रीचंद वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष, श्यामवीर वर्मा, जीतू, ब्रज किशोर, रोहित प्रताप, बीरी सिंह, प्रधान दिमान सिंह आदि उपस्थित रहे।