रफ़रोजाबाद ! बीआरसी पर लगी समर्सेबिल से बर्बाद होता पानी
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फिरोजाबाद। आम पब्लिक ही नहीं बल्कि नगर निगम, नगर पालिकाएं जल दोहन में तो अव्वल हैं लेकिन जल संरक्षण की दिशा में बहुत पीछे हैं। नगर निगम एवं फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारी यदि रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को यदि प्रभावी ढंग से लागू करें तो शहर के अंदर काफी हद तक भूगर्भ जल स्तर को ऊंचा उठाया जा सकता है।
भूगर्भ जल ग्रामीण अंचल ही नहीं बल्कि शहरी क्षेत्र में काफी तेजी से नीचे गिर रहा है। भूगर्भ जल के स्तर के गिरने का ही परिणाम है कि शहर में स्थापित हैंडपंप फेल हो गए। सैकड़ों की संख्या में सबमर्सिबल पंप ही नहीं बल्कि नगर निगम के नलकूप तक फेल हो गए। क्योंकि जमीन के अंदर पानी तेजी से नीचे खिसक रहा है। घर-घर सबमर्सिबल पंप स्थापित कर लेने का परिणाम रहा कि जल दोहन अधिक हुआ, लेकिन भूगर्भजल को ऊंचा उठाने की पहल न तो नगर निगम ने की और न ही विकास प्राधिकरण के अफसरों ने कोई ध्यान दिया। हालात यह हो गए कि यदि जेड़ाझाल का पानी शहर को नहीं मिले तो बूंद-बूंद पानी को तरस जाएंगे। यह हाल सिर्फ नगर निगम का नहीं बल्कि सरकारी विभागों में कमोवेश यही हाल दिखाई देता है। जिला मुख्यालय स्थित बीआरसी कार्यालय प्रांगण हो या फिर बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय, विकास भवन का प्रांगण हो या फिर उप निदेशक कृषि प्रसार का कार्यालय हर जगह यही स्थिति देखने को मिल रही है। यहां रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को नहीं बनाया गया है।
- वर्षा जल के संचयन की दिशा में सभी विभागों के साथ-साथ मनरेगा योजना के माध्यम से काफी काम कराया जा रहा है। इस बार प्राथमिकता जल संरक्षण को दी जा रही है। ताकि भू गर्भजल के स्तर को ऊंचा उठाया जा सके।
चर्चित गौड़, सीडीओ फिरोजाबाद।