फिरोजाबाद। ट्रॉमा सेंटर में भर्ती युवती की ऑक्सीजन निकालने पर उसकी हालत बिगड़ गई। युवती की हालत बिगड़ने के साथ ही परिवारीजनों में चीख पुकार मच गई। आनन-फानन उसको ऑक्सीजन लगाई गई। तब कहीं जाकर मरीज की हालत में सुधार हो सका।
ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने निर्देश जारी कर दिए कि जिन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल 90 या उससे ऊपर है। उन मरीजों को ऑक्सीजन नहीं लगाई जाए। उनको प्राथमिक उपचार देने के बाद छुट्टी कर दी जाए। जिससे अस्पताल में जगह बनाई जा सके। सीएमएस आलोक कुमार के निर्देश के बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मरीजों की ऑक्सीजन लेवल जांचना शुरू कर दिया। कुछ मरीज ऐसे मिले, जिनका ऑक्सीजन लेवल 90 से ऊपर या फिर 97 तक था। इस बीच स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पिछले तीन दिनों से सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती सविता का ऑक्सीजन लेवल चेक किया तो वह 97 था।
ऑक्सीजन लेवल 97 होने पर उसकी ऑक्सीजन निकाल ली गई। ऑक्सीजन निकालने के साथ ही उसकी हालत बिगड़ गई। युवती की हालत बिगड़ते ही तीमारदारों में चीख पुकार मच गई। आनन-फानन ऑक्सीजन लगा दी गई। तब कहीं जाकर युवती की हालत में सुधार आ सका। वहीं सविता की मां मधु का कहना था कि पिछले तीन दिन से बच्ची भर्ती है। ऑक्सीजन से उसकी सांसे चल रहीं हैं। दवा के नाम पर एक गोली भी अस्पताल से नहीं दी गई। कोई सुनवाई नहीं करने वाला है। न डॉक्टर देखने आ रहे और न ही स्टाफ कोई सुध ले रहा है। यदि उनकी बेटी को उपचार मिल जाए तो उसकी हालत में सुधार हो जाए और वह बच्ची को लेकर घर चली जाएं।