फिरोजाबाद। बाइक चोरी के आरोप में युवक को थर्ड डिग्री दिए जाने और उसके फ्रेक्चर होने के मामले में न्यायालय ने तत्कालीन एसओ और आरक्षी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के आदेश दिए हैं। पीड़ित की शिकायत पर एसपी ग्रामीण ने सीओ को जांच सौंपी थी। सीओ की जांच में एसओ और आरक्षी दोषी पाए गए थे। इसके बाद दोनों को थाने से हटा दिया गया था। थाना एका के गांव राजपुर निवासी विपिन कुमार ने बताया कि 21 मई 2024 को उनका ममेरा भाई नीरज बाइक मांगकर ले गया था। भागवत पंडाल में खड़ी बाइक चोरी हो गई थी। नीरज ने इसमें मेरी शिकायत पुलिस में कर दी। 22 मई को पुलिस उसे थाने ले गई। जहां दो लाख रुपये मांगे गए। मना करने पर पुलिस ने उसकी पिटाई की। पट्टे से पिटाई करने पर उसके पैर में फ्रेक्चर हो गया। हाथों में सूजन आ गई। पीड़ित ने अधिवक्ता सतेंद्र सिंह को पूरी बात बताई। उन्होंने पीड़ित के माध्यम से एसपी ग्रामीण से शिकायत कराई। इसमें थाने के अंदर विपिन को पीटने की बात कहते हुए फोटो भी मुहैया कराए गए।
इस मामले में एसपी ग्रामीण ने जांच सीओ अरुण कुमार चौरसिया को सौंपी। जिसमें पुलिस की कमियों को बताया गया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि पुलिस ने जबरन उनके झूठे बयान दर्ज कराए। वादी के वाद दायर करने पर एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीष नवनीत कुमार गिरि ने इस मामले में सुनवाई की। वादी के अधिवक्ता ने इस मामले में उनके पक्ष को पूरी दमदारी से रखा। इसमें जज ने उनके वाद को स्वीकार करते हुए विपक्षी तत्कालीन एसओ शिवभान सिंह राजावत थाना एका व आरक्षी घनेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के आदेश दिए। थाना प्रभारी मनोज शर्मा ने बताया कि अभी इस प्रकार का कोई भी आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश प्रति आने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।