फिरोजाबाद। यमुना किनारे स्थित करीब दो हजार वर्ष पुराने पसीना वाले हनुमान मंदिर की एक करोड़ की धनराशि से सौदर्यीकरण कराया जाएगा। मंदिर का कायाकल्प किए जाने के साथ जिले को धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि जिले को पर्यटन धार्मिक क्षेत्र का हब बनाया जाएगा।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि जनपद मुख्यालय से कुछ किलोमीटर की दूरी पर यमुना नदी के तटपर स्थित प्रसिद्ध पसीना वाले हनुमान मंदिर का समग्र पर्यटन विकास किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण,आधुनिक प्रकाश व्यवस्था,पर्यटक सूचना केंद्र,स्वच्छ शौचालय,पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थलों का निर्माण किया जाएगा। पसीना वाले हनुमान मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां आस्था तर्क से आगे निकल जाती है। अपनी तरह के इस अनूठे मंदिर में स्थित हनुमान की प्रतिमा से वर्ष भर पसीना निकलता रहता है। सर्दियों में प्रतिमा पर पसीने की बूंदें श्रद्धालुओं को आश्चर्य चकित करती है। इसी चमत्कारी विशेषता के कारण लोग इस मंदिर का दर्शन करने दूर-दूर से आते हैं। पर्यटन मंत्री ने कहा कि वर्ष आगरा एवं लखनऊ रूट से जुड़े होने के कारण वर्ष 2023 में जनपद में आने वाले पयटकों की संख्या 04.44 से अधिक थी। वर्ष 2024 में बढ़कर 06.48 लाख के पार चला गया। वर्ष 2025 में जनवरी से जून महीने तक 04.06 लाख से अधिक पर्यटकों ने जिले की सैर की। 2026 में यह आंकड़ा सात लाख के पार जा सकता है।
फिरोजाबाद आस्था,ऐतिहासिक धरोहर और प्रकृति की गोद में सिमटा जनपद है। यह अब केवल कांचनगरी तक सीमित नहीं रह गया है। बल्कि तेजी से उभरते ईको पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान गढ़ रहा है। जिले में जैन मंदिर,वैष्णो देवी मंदिर और माता टीला मंदिर जैसे आस्था के केंद्रों से लेकर कोटला का किला,चंदवार गेट और फिरोज शाह के मकबरे जैसी ऐतिहासिक विरासत पर्यटकों को आकर्षित करती है। ईको टूरिज्म विकास बोर्ड द्वारा विकसित रपड़ी ईको स्पॉट और रूरिया स्वरूपपुर आज प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के बीच खास आकर्षण बनकर फिरोजाबाद को पर्यटन मानचित्र को गति दे रहे हैं।