जुमे की नमाज अदा करते मुस्लिम समाज के लोग
रमजान माह के तीसरे जुमा की नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में रोजेदारों की खासी भीड़ रही। हजारों रोजेदारों ने नमाज अदा करके मुल्क में अमन चैन की दुआ मांगी। सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद एवं शहर की प्रमुख मस्जिदों के आस-पास सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस्लामिक सेंटर के सचिव आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा कि प्रत्येक रोजेदार को ईद से पहले फितरा अवश्य निकालना चाहिए। अल्लाह ताला फितरा निकालने वालों से रोजे के दौरान हुए गुनाहों की माफी देता है।
रमजान के तीसरे जुमा के दिन नगर निगम की ओर से मस्जिदों के करीब साफ सफाई कराई गई। जुमा की नमाज अदा करने के लिए रोजेदारों के मस्जिदों में ही आने का क्रम दोपहर से शुरू हो गया। शहर की प्रमुख मस्जिदों में बड़ी संख्या में ही रोजेदारों ने नमाज अदा कर मुल्क में अमन चैन की दुआ मांगी। सदर बाजार में स्थित जामा मस्जिद के साथ कटरा पठानान स्थित शाही मस्जिद एवं अन्य मस्जिदों में बड़ी संख्या में रोजेदार एकत्रित हुए। इस्लामिक सेंटर के सचिव आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा कि रमजान माह का तीसरा असरा शुरू हो गया है। यह असरा मगफिरत का है। हर रोजेदार को गुनाहों से तौबा कर अल्लाह ताला से माफी मांगनी चाहिए। एक नई जिंदगी को शुरू करने का इरादा करना चाहिए। रमजान के माह में लोगों के साथ हमदर्दी करना रमजान का सबसे बड़ा काम है। इस माह में प्रत्येक रोजेदार को ईद से पूर्व फितरा निकालना चाहिए। प्रत्येक रोजेदार को पौने दो किलोग्राम गेहूं या उसकी कीमत, 38 रुपये, खजूर तीन किलोग्राम अथवा उसकी कीमत या किसमिस तीन किलोग्राम अथवा उसकी कीमत ईद की नमाज से पहले गरीबों को देना चाहिए। अल्लाह ताला इससे रोजे में होने वाली कमियों को पूरी करता है। वहीं गरीबों की भी ईद अच्छी होती है।