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कर्मचारी हड़ताल पर, कार्यालयों में लटके ताले

Thu, 11 Aug 2016 12:13 AM IST
Amar Ujala
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कर्मचारी हड़ताल पर, कार्यालयों में लटके ताले - फोटो : Amar Ujala
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विकास भवन, कलक्ट्रेट, ब्लाकों में कर्मचारी रहे हड़ताल पर
 
राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय आह्वान पर राज्यव्यापी कामबंद हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। विकास भवन, कलक्ट्रेट, ट्रेजरी, शिक्षा, निर्वाचन से लेकर श्रम विभाग सभी कार्यालयों में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कार्यालयों में पहुंचे फरियाद भी परेशान होकर वापस लौट आए। कार्यालयों में अधिकारियों को प्रवेश नहीं करने दिया। गुरुवार-शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रहेगी।

उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने आदि मांग करते हुए बुधवार को सरकारी कर्मचारी कार्यालयों तक गए लेकिन तीन दिवसीय कामबंद हड़ताल होने के कारण जुलूस एवं नारेबाजी के साथ सभी कार्यालयों को बंद करा दिया। नेतृत्व परिषद के जिलाध्यक्ष लटूरी सिंह ने किया। हड़ताली कर्मचारियों ने मुख्य गेट का ही ताला नहीं खुलने दिया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि हमारी इन मांगों को नहीं माना तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
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धरना स्थल पर पंचायती राज विभाग से डीपीआरओ यतेंद्र यादव, नरेंद्र शर्मा, इंसाफ अली, विकास विभाग के कासिम, गोपाल सिंह, मनोज कुमार, राकेश सक्सेना, डीआरडीए के रवि कटारा, राजकुमार, समाज कल्याण से प्रदीप पांडेय, मुसद्दक हुसैन, सफाई कर्मचारी महासंघ के मुलायम सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ, चालक संघ के साथ ही ट्रेजरी कर्मचारी संघ के प्रेम प्रकाश कुशवाह, चालक संघ के महेंद्र सिंह, अमीन संघ के सोबरन सिंह आदि मौजूद रहे। इधर सदर ब्लाक में भी कामकाज को ठप करके आंदोलन डा. ध्रुव कुमार आचार्य के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान डा. चेतन बिहारी सक्सेना, रचना दीक्षित, अरविंद आदि शामिल रहे।

राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण विकास भवन प्रांगण में फरियादी भटकते दिखाई दिए। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले फरियादी अधिकारी और कर्मचारी नहीं मिले तो मायूस होकर लौटना पड़ा।
-टापाकलां निवासी पप्पू अपनी बेटी हेमंत कुमारी की छात्रवृत्ति का पता लगाने को विकास भवन पहुंचे थे, लेकिन कार्यालय बंद देखकर वापस लौट आए।
-लालपुर निवासी मुश्तकीम समाजवादी पेंशन खातों में नहीं आने का कारण वहां पता करने के लिए पहुंची। उनके साथ मोहल्ले की साबिरा बेगम, शायरा भी काफी देर तक भटकती रहीं।
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-जरौली कलां जाटव बस्ती में निवास करने वाली किरन देवी, संजय कुमारी के साथ पात्र गृहस्थी का राशनकार्ड बनवाने के लिए जिला मुख्यालय पहुंची, लेकिन कार्यालय बंद होने के कारण वापस आना पड़ा।
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