जिले में 64 ग्राम पंचायतों का इजाफा हो गया। नए प्रधान भी निर्वाचित हो गए लेकिन विकास का खाका खींचने के लिए विकास अधिकारी नजर नहीं आ रहे। सवाल है कि इन गांवों का विकास कैसे होगा? पंचायतों का संचालन करने वाले सचिवों की संख्या निरंतर घटती जा रही है। हालात यह हैं कि एक सचिव पर दस से 15 पंचायतों तक का चार्ज है। इनकी भर्ती की प्रक्रिया भी शासन में अटकी है।
पंचायत चुनाव होने के साथ ही जिले में प्रधानों की संख्या 506 से बढ़कर 570 हो गई। जिले में 64 प्रधान और अपनी फरियाद लेकर प्रशासन के अफसरों के पास पहुंचेंगे। पंचायतों के विकास पर केंद्र एवं प्रदेश की सरकार की ओर से खासा जोर दिया जा रहा है। मनरेगा योजना, एनआरएलएम, इंदिरा आवास, लोहिया आवास योजना, डा. लोहिया समग्र ग्राम्य विकास योजना, जन्म मृत्यु का प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत ही ग्राम पंचायतों के खुले में शौचमुक्त करने जैसे कई अभियानों को चलाने की जिम्मेदारी पंचायतों के सचिवों पर है लेकिन जिले में पंचायत सचिवों की संख्या निरंतर घट रही है। मात्र 80 सचिवों पर 570 ग्राम पंचायतों का चार्ज है। सदर ब्लाक में राकेश पर सात, राम शंकर पर 14 एवं राजपाल सिंह पर 11 और दिलीप पर आठ ग्राम पंचायतों का चार्ज है। जिले में करीब एक दर्जन से अधिक ऐसी ग्राम पंचायतें हैं, जिनके मजरों की संख्या एक से दो दर्जन तक है।
जिले की यह हैं बड़ी पंचायतें
एका, पाढ़म, उरावर, अलीनगर कैंजरा, चंद्रवार, रामगढ़ उर्फ उम्मरगढ़, धीरपुरा, खैरगढ़, हाथवंत के साथ कई पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें मजरों की संख्या अधिक है।
कई सचिव संभाले हैं एडीओ का चार्ज
जिले में सहायक विकास अधिकारी पंचायत के नारखी में पन्नालाल एवं फीरोजाबाद में कप्तान सिंह पिछले नवंबर में सेवानिवृत्त हुए थे। इनके स्थान पर किसी की तैनाती के स्थान पर पंचायत सचिवों को एडीओ पंचायत का चार्ज दिया गया। फीरोजाबाद, नारखी, टूंडला, अरांव और मदनपुर में भी यही स्थिति है।
जिले में यह है स्थिति
ग्राम पंचायतें 570
ग्राम पंचायत अधिकारी 41
ग्राम विकास अधिकारी 39
पंचायत सचिवों की बैठक में गूंजी समस्याएं
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। ग्राम विकास अधिकारी संघ की सदर ब्लाक में बैठक आहूत की गई। बैठक में समस्याओं पर मंथन किया। जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़ने के कारण कलस्टर के रूप में तैनाती की मांग की। किसी कर्मचारी का ट्रांसफर से पूर्व उसका पक्ष सुना जाए। बिना वजह उत्पीड़न को संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ की संयुक्त बैठक फीरोजाबाद (सदर) ब्लाक के सभागार में जिलाध्यक्ष दिनेश यादव की अध्यक्षता में आहूत की गई। वक्ताओं ने कहा कि जिले में 64 ग्राम पंचायतें बढ़ गई हैं और कई सचिव सेवानिवृत्त हो गए हैं। सचिवों की मनमाने ढंग से तैनाती के कारण काफी दिक्कत होती है। ऐसे में पंचायत सचिवों की तैनाती कलस्टर बनाकर की जाए। नव निर्वाचित प्रधानों से अपेक्षा की कि वह नियम अनुरूप कार्य कराएं। अनियमित कार्य के लिए दबाव नहीं बनाएं। जिलाध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा कि पंचायत के सचिव के खिलाफ डीएम, सीडीओ, डीडीओ अथवा फिर डीपीआरओ को कोई शिकायत मिलती है तो उसे हटाने से पूर्व उसका पक्ष सुना जाए। बैठक में ब्लाक एका, हाथवंत एवं मदनपुर में तैनात आरईएस के जेई के गलत रवैये पर नाराजगी जाहिर की गई। साफ कहा जिन सचिवों का निलंबन किया गया है उनके यहां अधूरे शौचालय रह गए हैं उन्हें बनाने दिए जाएं। बैठक में जितेंद्र यादव, महेंद्रपाल सिंह, ब्रजकिशोर सिंह, रामदत्त गालिब, कुशलपाल सिंह, मानप्रताप, दिलीप कुमार, मधु सागर, कुमारी विपिन कुशवाहा, पीडी माथुर, राजपाल सिंह, महेशचंद्र शर्मा, राकेश सिंह, सुनील कुमार, होरीलाल, सतीशचंद्र शर्मा, ध्रुवेंद्र कुमार, रवेंद्र सिंह, दीपक शर्मा, नरवीश मिश्रा, उदय प्रताप सिंह, सतेंद्र सिंह, हीरालाल, प्रदीप बाबू गौतम आदि मौजूद थे।
डीडीओ ने दी विकास की सीख
डीडीओ आरके राम भी ग्राम विकास अधिकारी संघ की बैठक में पहुंचे। उन्होंने सचिवों को निर्देश दिए कि गांव में विकास कार्यों को गति प्रदान करें। समस्याओं को हल का भी भरोसा दिया। संगठन की बैठक हर माह करने एवं कोई दिक्कत आने पर बताने की हिदायत दी।