फिरोजाबाद। जिले के पिछड़ा वर्ग विभाग में वर्ष 2003-04 से लेकर वर्ष 2005-06 के बीच हुए तीन करोड़ से ज्यादा धनराशि के छात्रवृत्ति घोटला को रोका जा सकता था। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा कानपुर द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है। जानकारी के अनुसार विभाग में तैनात रहे सुरेश कुमार नामक लिपिक ने अपने आला अधिकारियों को इस बारे में पहले ही आगाह किया था लेकिन उनकी एक बात नहीं सुनी।
वित्तीय वर्ष 2003-04 के दौरान जिला के पिछड़ा वर्ग विभाग में 97,800 रुपये, वर्ष 2004-05 में एक करोड़, 93 लाख, 14,420 रुपये एवं वर्ष 2005-06 में 86,71,000 रुपये का घपला 538 कॉलेज में फर्जी छात्रों के प्रवेश दिखाकर किया गया। इस फर्जीवाड़े के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान अन्वेषण की कानपुर शाखा द्वारा जांच के उपरांत सात लोगों के नाम मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें विभाग में तैनात रहे चार अधिकारी, दो लिपिकों सहित एक अन्य का नाम शामिल है। विभागीय सूत्रों के अनुसार फर्जी छात्रों के आधार पर विभाग में हुई इस पूरी घपलेबाजी को रोका जा सकता था। इस पूरे मामले की भनक लगने के बाद विभाग में तैनात रहे एक कनिष्ठ सहायक एस. कुमार ने 18 जुलाई 2005 ,दो अगस्त 2005, नौ दिसंबर 2005 विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे। पत्रों में पूरे घटनाक्रम के साथ ही विभागीय अफसरों द्वारा जानबूझ कर छात्रवृत्ति वितरण से जुड़ा कार्यभार नहीं सौंपने एवं चार्ज नहीं देने की बात भी कही।
मामला कई वर्ष पुराना है और जो भी पत्रावली यथा संभव प्राप्त हुईं। वे सभी ईडब्ल्यूएस शाखा कानपुर को उपलब्ध करा दीं। कनिष्ठ लिपिक द्वारा घपले के संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने का मामला संज्ञान में नहीं है।
अनुपम रॉय जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी