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इंसानियत से दूर है इंसान आजकल...

Mon, 06 Jun 2016 11:02 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
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मुशायरा
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 शायर हसीन अहमद की 15वीं पुण्यतिथि पर मुशायरे का आयोजन चौबे कमलापति की धर्मशाला में किया गया। शुभारंभ दिवंगत शायर के चित्र का अनावरण और माल्यार्पण वरिष्ठ अधिवक्ता केके चतुर्वेदी द्वारा किया गया। श्रोताओं ने गजल और गीतों का आनंद लिया।
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मुशायरे की शुरुआत प्रमोद कुमार जैन ने की। शायर अनवर कमाल अनवर ने पढ़ा ‘वो और हो गए हैं जिनकी उड़ान मांगे बुलंदी।’ सूफी जमील अफगानी ने पढ़ा ‘इस तरह तू मुझे गिरवीदा निगाही से न देख, तेरी  महफ़िल  में बहुत  ताड़ने  वाले  होंगे।’ जहीरउद्दीन खाकसार ने कहा ‘वो बेटा हकदार-ए-जन्नत,  जो कदमों में मां की झुकता है।’ हरीश चतुर्वेदी ने कहा ‘इंसानियत से दूर है इंसान आजकल, शायद इसीलिए है परेशान आजकल।’ विनायक चतुर्वेदी, डॉ. साबिर नियाजी, वकील अहमद शमीमी, कमर वारसी सलीम नायब, इश्तियाक आलम, हबीब अहमद, डॉ. राहत करहलवी ने भी अपने कलाम पेश किए। अध्यक्षता सूफी जमील अफगानी साहब ने की। इस अवसर पर  प्रकाश चंद्र चतुर्वेदी, माधव प्रसाद मित्तल, अनवार अजीम, अर्जुन सिंह चतुर्वेदी, लियाकत अली, वकील पटेल, दिलीप चतुर्वेदी, प्रमोद दुबे, मियां बिसारुदीन, अरविंद चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।
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