आधार कार्ड व बैंक खाता नंबर भी अब करने होंगे फीड
अब छात्र-छात्राओं के नामांकन के नाम पर फर्जीवाड़ा नहीं चल सकेगा। शासन ने विद्यालयों में कक्षा एक से इंटर तक की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्रओं का डाटा आनलाइन करने का निर्णय लिया है। इसके तहत छात्र-छात्राओं की कक्षा, आधार कार्ड नंबर, बैंक खाता संख्या, बैंक का नाम, माता-पिता के नाम की सूचना संकलित की जाएगी। विद्यालय से छात्र-छात्राओं का ब्योरा एकत्रित होने के पश्चात उसे शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर आनलाइन किया जाएगा, जिससे योजनाओं की धनराशि का सही इस्तेमाल हो सके। सबसे ज्यादा गड़बड़ झाला परिषदीय विद्यालयों के नामांकन में है। तमाम बच्चे निजी विद्यालयों के साथ परिषदीय स्कूलों में नामांकित हैं। इसका खुलासा अफसरों के निरीक्षण में हो चुका है। बीएसए सच्चिदानंद यादव का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या को सही करने के लिए शासन ने आनलाइन डाटा फीड करने का आदेश दिया है। सूची मांगी जा रही है।
छह से चौदह वर्ष की आयु वर्ग के सभी बच्चों को कक्षा एक से आठ तक की शिक्षा मुहैया कराने के मकसद से सर्व शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है। करीब दो लाख से अधिक बच्चे परिषदीय स्कूलों में नामांकित हैं। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत कक्षा छह से इंटर तक की शिक्षा में लगभग एक लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अब शासन ने नामांकन में आंकड़ों की गड़बड़ी को रोकने के लिए छात्र-छात्रओं का डाटा आनलाइन करने का निर्णय लिया है।