एसआरके महाविद्यालय के प्राचार्य कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर की जगह
- फोटो : अमर उजाला
एसआरके महाविद्यालय के प्राचार्य कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर हटवाने का मामला गरमा गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को प्राचार्य से महात्मा गांधी की तस्वीर के बराबर ही डा. भीमराव अम्बेडकर की तस्वीर लगवाने की मांग की थी। प्राचार्य ने बाबा साहब की तस्वीर लगवाने की जगह बापू की तस्वीर ही हटवा दी।
जिला संयोजक हिमांशु शर्मा, विभाग संगठन मंत्री नीतू शर्मा के नेतृत्व एबीवीपी के प्रतिनिधि मंडल ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर प्राचार्य डा. विपिन मेहरोत्रा को ज्ञापन सौंपा था। इस दौरान प्राचार्य से प्राचार्य दफ्तर में महात्मा गांधी की तस्वीर के बगल में संविधान निर्माता डा. बीआर अंबेडकर की तस्वीर लगवाने का अनुरोध किया था। प्राचार्य ने उसी समय मैनेजर से बात करके बाबा साहब की तस्वीर लगवाने का आश्वासन दे दिया।
कुछ समय बाद छात्रों को जानकारी हुई कि प्राचार्य ने बाबा साहब की तस्वीर नहीं लगवाई है, बल्कि बापू की तस्वीर को भी प्राचार्य कक्ष से हटवा दिया है। वह तस्वीर अंदर के कमरे में लगवाई दी है। बापू की यह तस्वीर सन् 2010 से प्राचार्य कार्यालय में लगी थी। दो अक्टूबर को ध्वजारोहण के समय इस तस्वीर बाहर लाई जाती थी कार्यक्रम के बाद वहीं पर लगा दिया जाता था।
मामला गर्माने पर प्राचार्य डा. विपिन मेहरोत्रा सफाई पेश करते रहे। उनका पहले तो यह कहना था कि दो अक्तूबर निकल गई है, इसलिए तस्वीर हटवाई गई है। दूसरी बार में प्राचार्य ने कहा कि दीपावली की सफाई चल रही है। इस कारण तस्वीर हटवाई गई है। सपा के छात्रनेता जगमोहन यादव एवं सपा व्यापार सभा के नेता नितिन वर्मा ने कहा कि बापू की तस्वीर कार्यालय में नहीं लगी तो आंदोलन किया जाएगा।