कांच की चूड़ियों के विकल्पों ने कांच की चूड़ियों की खनक को कम कर दिया है। खतरे की इस घंटी के साथ अब कांच की चूड़ियों की ब्रांडिंग की बात चल पड़ी है। नगर विधायक मनीष असीजा ने जहां कांच की चूड़ियों की ब्रांडिंग का मुद्दा विधानसभा में उठा कर प्रदेश के पटल पर रख दिया तो चूड़ी निर्माता और चूड़ी विक्रेता बाइब्रेंट फीरोजाबाद को मंच बना कर कांच की चूड़ी के लिए शहर से गांव तक माहौल बनाने में लग गए हैं। इस बीच सामाजिक संगठन भी सक्रिय हो गए हैं।
विधानसभा में गूंजा ब्रांडिंग का मुद्दा
नगर विधायक मनीष असीजा ने कांच की चूड़ी का विषय मेक इन इंडिया और मेक इन यूपी से जोड़ते हुए विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में कांच की चूड़ी सिर्फ फीरोजाबाद में बनती है। प्रदेश सरकार बहुत सारे कलस्टर खोल रही है, विदेशों से उद्योगों को आमंत्रित किया जा रहा है। जबकि कांच की चूड़ी इतना बड़ा उद्योग है जिसकी रग-रग में काम है। इसकी ब्रांडिंग की जरूरत है। मुख्यमंत्री स्वयं बडे़ स्तर पर यदि कांच की चूड़ी की ब्रांडिंग करते हैं तो इसका प्रभाव पडे़गा और लाभ गरीब मजदूर तक जाएगा। सरकार की ब्रांडिंग से चूड़ी उद्योग को बल मिलेगा।
वास्तु-ज्योतिष से जोड़ी जाएगी चूड़ी
लोक नागरिक कल्याण समिति द्वारा कांच की चूड़ी क्यों पहनें अभियान शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत कांच की चूड़ियों से विमुख नई पीढ़ी की युवतियों और महिलाओं को कांच की चूड़ियों का महत्व बताया जाएगा। कांच की चूड़ी का ज्योतिष और वास्तु के अनुसार महत्व भी बताया जाएगा। शहर से बाहर भी यह मुहिम चलाई जाएगी। लोक नागरिक कल्याण समिति के सचिव ललितेश अग्रवाल, सतेंद्र जैन सौली, डा. डी.पी.एस राठौर, सजेंद्र जैन ने बताया कि कांच की चूड़ियां सभी धर्मों में सुहाग का सबसे प्रमुख गहना है। समिति की सरला सिंह, सीमा निमेश, स्वीटी जैन ने बताया कि फीरोजाबाद की रंग-बिरंगी चूड़ियां पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। प्रचार प्रसार न होने के कारण आज महिलायें श्रृंगार के अन्य साधन अपना रही हैं जो उनके स्वास्थ्य को हानि पहुंचाते हैं जबकि कांच की चूड़ियां पहनने से कोई हानि नहीं होती।
ब्रांडिंग पर भी जोर
प्रमुख चूड़ी कारोबारी अश्वनी भारद्वाज ने बाइब्रेंट गुजरात की तर्ज पर बाइब्रेंट फीरोजाबाद की मुहिम शुरू की है। इस मुहिम के साथ चड़ी विक्रेताओं के साथ-साथ चूड़ी कारखानेदारों को भी जोड़ा गया है। पिछले दिनों हुई एक बैठक में कहा गया कि चूड़ी खूब पहनी जाएगी तभी खूब बिकेगी और जब चूड़ी बिकेगी तभी सुहाग नगरी का औद्योगिक विकास गति पकडे़गा। इस लिए चूड़ी ब्रांडिंग जरूरी है। पूरे देश में कांच की चूड़ी का महत्व प्रसारित किया जाएगा।
मोदी ने कहा था विदेशों तक जाए चूड़ी
मोदी ने भी कहा था चूड़ी हर कलाई की शोभा बने। चुनावी सभा के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांच की चूड़ी को गुजरात के पतंग उद्योग से जोड़ते हुए कहा था कि कुछ ऐसा होना चाहिए कि कांच की चूड़ी देश के साथ-साथ विदेशों में भी पहनी जाए। मोदी का आशय चूड़ी की ब्रांडिंग से ही था। चूड़ी व्यापारी उमेश उपाध्याय कहते हैं कि सरकारें यदि कांच चूड़ी की ब्रांडिंग पर जोर दें तो चूड़ियों की खनक विदेशों में भी सुनाई देगी।