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JS University: जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द, अब आगरा विश्वविद्यालय से मिलेगी डिग्री; ये आया नया अपडेट

Tue, 13 Jan 2026 08:46 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

Fake Degree Scandal: शिकोहाबाद के जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द कर दी गई है। अब इसमें पढ़ने वाले छात्रों की डिग्री डॉ. बीआर आंबेडकर विवि से मिलेगी। 
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जेएस यूनिवर्सिटी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द होने से प्रभावित छात्रों के भविष्य पर उच्चशिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है। अब छात्रों के सभी दस्तावेज और डिग्रियां डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से प्राप्त होंगी। जेएस विवि से सभी दस्तावेज वहां भेजे जाएंगे। डॉ. बीआर आंबेडकर विवि प्रशासन किसी भी छात्र के हित की अनदेखी नहीं करेगा।
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प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं जिले के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय सोमवार को सर्किट हाउस आए। यहां उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जीरामजी (विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट) किए जाने और इसके खासियतों के बारे में भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह योजना गांवों के गरीब, महिलाओं, युवाओं और श्रमिकों की तकदीर व तस्वीर बदलने वाली साबित होगी। योजना की खूबियां गिनाते हुए कहा कि पहले मनरेगा के तहत केवल 100 दिन के काम का प्रावधान था, लेकिन अब वीबी जीरामजी के तहत श्रमिकों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। ग्रामीण श्रमिकों को अतिरिक्त लाभ देते हुए 60 दिन खेतों में मजदूरी करने का भी अवसर मिलेगा। इस प्रकार अब ग्रामीण इलाकों में श्रमिकों को कुल 185 दिन का सुनिश्चित रोजगार प्राप्त हो सकेगा।

डिजिटल इंडिया के तहत यह प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक सक्षम और भरोसेमंद है, जिससे श्रमिकों की मेहनत की राशि सुरक्षित रहेगी। इस योजना के लिए 151 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत जल संरक्षण, सिंचाई, भंडारण और ग्रामीण हाट जैसी स्थाई संपत्तियों का निर्माण किया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

 

अखिलेश यादव का बयान गीता का उपदेश नहीं
विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध पर तंज कसते हुए मंत्री ने कहा कि विपक्ष जनता के बीच भ्रम फैला रहा है, जबकि नया कानून 25 प्रतिशत से अधिक रोजगार के अवसर सुरक्षित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मनरेगा के नाम पर केवल गड्ढे खोदने-भरने का काम होता था और बड़े पैमाने पर घोटाले होते थे। सपा प्रमुख द्वारा दिए गए बयानों को तथ्यहीन बताते हुए मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव कोई गीता का उपदेश नहीं दे रहे हैं। उनके इटावा में मंदिर बनवाने पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह अच्छी बात है, अब तक तो वे केवल कब्रिस्तान और मजार ही बनवाते थे।
 
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यह रहे मौजूद
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के साथ सर्किट हाउस में नगर विधायक मनीष असीजा, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक अतुल प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष डॉ. सतीश दिवाकर, निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष श्रीनिवास निषाद और पूर्व विधायक हरिओम यादव, शैलेंद्र गुप्ता उर्फ शालू, अमित गुप्ता व अन्य भाजपाई सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

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