प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं जिले के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय सोमवार को सर्किट हाउस आए। यहां उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जीरामजी (विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट) किए जाने और इसके खासियतों के बारे में भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह योजना गांवों के गरीब, महिलाओं, युवाओं और श्रमिकों की तकदीर व तस्वीर बदलने वाली साबित होगी। योजना की खूबियां गिनाते हुए कहा कि पहले मनरेगा के तहत केवल 100 दिन के काम का प्रावधान था, लेकिन अब वीबी जीरामजी के तहत श्रमिकों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। ग्रामीण श्रमिकों को अतिरिक्त लाभ देते हुए 60 दिन खेतों में मजदूरी करने का भी अवसर मिलेगा। इस प्रकार अब ग्रामीण इलाकों में श्रमिकों को कुल 185 दिन का सुनिश्चित रोजगार प्राप्त हो सकेगा।
डिजिटल इंडिया के तहत यह प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक सक्षम और भरोसेमंद है, जिससे श्रमिकों की मेहनत की राशि सुरक्षित रहेगी। इस योजना के लिए 151 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत जल संरक्षण, सिंचाई, भंडारण और ग्रामीण हाट जैसी स्थाई संपत्तियों का निर्माण किया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
यह रहे मौजूद
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के साथ सर्किट हाउस में नगर विधायक मनीष असीजा, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक अतुल प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष डॉ. सतीश दिवाकर, निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष श्रीनिवास निषाद और पूर्व विधायक हरिओम यादव, शैलेंद्र गुप्ता उर्फ शालू, अमित गुप्ता व अन्य भाजपाई सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।