फिरोजाबाद। शहर के बीच से गुजर रहे नेशनल हाईवे और ओवरब्रिज पर जगह-जगह गड्ढे व स्पीड ब्रेकर मुसीबत का सबब बन गए हैं। जिसके कारण स्थानीय और बाहर से आने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन एनएचआई के उच्चाधिकारी इस ओर आंख मूंदकर बैठे हुए हैं।
हाईवे पर बने गड्ढों के कारण अक्सर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं तथा मानक के विपरीत बने स्पीड ब्रेकरों से हिचकोले लेते चूड़ी से लदे ठेल आदि पलट जाते हैं। जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। सबसे खराब स्थित नैनी ग्लास चौराहा से लेकर जाटवपुरी चौराहा तक है। रहमत नगर व डॉ. गुलाब हैदर हॉस्पिटल के सामने का हाईवे भी जर्जर हो चुका है।
नगला बरी चौराहा से पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने बीच सड़क पर करीब डेढ़ फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। तेज रफ्तार से आने वाले वाहन गड्ढों से बचने के चक्कर में दुर्घटनाग्रस्त भी हो जाते हैं। इस रास्ते पर ऑटो, ई-रिक्शा व चूड़ी से लदे ठेल अधिक चलते हैं। ओवरब्रिज पर भी जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। जिसमें वाहनों के पहिए जाने के कारण उनके एक्शल टूट रहे है तो ठेल आदि की रिम खराब हो रही हैं। लेकिन एनएचआई द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सुभाष तिराहे से लेकर रसूलपुर थाने तक हाईवे पर जगह-जगह स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। यूं तो मानक के तहत स्पीड ब्रेकर नहीं होने चाहिए लेकिन शहर के अंदर से गुजरने के कारण छह स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। ऊंचे-नीचे ब्रेकर होने से दोपहिया वाहन बंद पड़ जाते हैं और ठेल आदि पलट जाते हैं। स्पीड ब्रेकर वाले स्थानों पर कोई सांकेतक नहीं लगाए गए हैं। सफेद पट्टी तक नहीं डाली गई है जिससे वाहन चालक सचेत हो सकें।
स्पीड ब्रेकर के मानक
स्पीड ब्रेकर की अधिकतम ऊंचाई चार इंच होनी चाहिए। दो-दो मीटर का स्लोप
दिया जाए ताकि वाहन आसानी से गति धीमी कर निकल जाएं। स्पीड ब्रेकर से पहले चेतावनी चिन्ह लगे होने चाहिए। ब्रेकर पर सफेद या पीला पेंट और रेडियम होना चाहिए।
टोल फिर भी हाईवे खस्ताहाल
जिले में दो स्थानों पर टोल टैक्स वसूला जाता है। एक टोल प्लाजा टूंडला व दूसरा टोल प्लाजा सिरसागंज कठफोरी में है। लोकल वाहनों से एक तरफ से एक टोल पर 55 रुपये लिए जाते हैं। यानी एक टोल से एक बार आने-जाने पर वाहन चालक को 110 रुपये देने पड़ते हैं फिर भी हाईवे खस्ताहाल हैं। - भूरी सिंह यादव, कांच व्यापारी।
यह कहते हैं लोग
जानकारी न होने के कारण रात के समय गड्ढे दिखाई नहीं देने से बाहरी वाहन चालकों के साथ दुर्घटना होती रहती हैं। इन गड्ढों को ठीक कराने के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा। हाईवे की स्थित भी काफी खराब है। - खुब चंद्र, जगदंबा नगर निवासी।
जाटवपुरी चौराहा पर गड्ढे होने के कारण दोपहिया वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है। इसके कारण अक्सर लोग गिरकर चुटैल हो जाते हैं। स्पीड ब्रेकरों की वजह से चूड़ी से भरे ठेल दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। - दिलशाद, फल विक्रेता, जाटवपुरी चौराहा।
रहमतनगर से डॉ. गुलाब हैदर हॉस्पिटल तक रास्ता काफी खराब है। शिकोहाबाद की ओर से आने वाले वाहन चालक गड्ढों से बचने के लिए अचानक ब्रेक लगाते हैं। जिससे पीछे से आने वाले वाहन दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। - अबरार खां, जाटवपुरी निवासी।
क्षतिग्रस्त हाईवे और स्पीड ब्रेकर के कारण आर्थिक नुकसान हो रहा है। ठेल की रिम भी दो या तीन महीने में ही टूट जाती है। माल ले जाते समय कई बार तो ठेल पलट जाता है। आमदनी से अधिक नुकसान हो जाता है। - सुल्तान खां, ठेल चालक।
हाईवे के जिन स्थानों पर गड्ढे हैं उन्हें दो दिन में भरवा दिया जाएगा। हाईवे की नई सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। हाईवे पर स्पीड ब्रेकर नहीं होना चाहिए लेकिन शहर के अंदर कट होने के कारण स्पीड ब्रेकर दिए गए हैं। मानक के अनुसार न बनने वाले स्पीड ब्रेकरों को ठीक कराया जाएगा। - अरूण कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचआई।