फिरोजाबाद। जिले में 56.80 किलोमीटर क्षेत्र में बहने वाली यमुना नदी के तटों के आसपास नवनिर्माण नहीं कराया जा सकेगा। यमुना किनारे वाले 1.90 किमी एरिया में सभी प्रकार के निर्माण को प्रतिबंधित कर दिया है। इसके बाद भी यदि कोई यहां निर्माण कराएगा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से हलफनामा दिए जाने के साथ उसके अनुरूप कार्रवाई करनी प्रारंभ कर दी है। केंद्रीय जल आयोग की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से जो हलफनामा दाखिल किया है। उसमें फिरोजाबाद सहित 17 जिलों का जिक्र किया गया है। हालांकि फिरोजाबाद जिले में यमुना नदी शहर से काफी दूर होने के कारण यहां निर्माण कार्य काफी कम हुए हैं। लेकिन चंद्रवार एवं सोफीपुर के साथ-साथ नयाबांस इलाके में काफी विकास कार्य कराए गए हैं। इसमें सीडब्ल्यूआर की स्थापना किए जाने के साथ कई अन्य काम कराए हैं। चंद्रवार में पर्यटन विभाग की ओर से भी काम कराए जा रहे हैं।
इसके साथ प्रमुख घाटों के आसपास क्षेत्र के एरिया का चिह्नांकित किया है। इन क्षेत्रों में कोई नए निर्माण कार्य नहीं कराए जा सकेंगे। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि शासन की ओर से यदि कोई हलफनामा दाखिल किया गया है तो उसकी रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद जिले में डूब क्षेत्र काफी कम है। बारिश के दिनों में भी बाढ़ की संभावना कम ही रहती है। फिर भी जो आदेश होगा उसका अनुपालन कराया जाएगा।
-यमुना नदी किनारे क्षेत्र में निर्माण कार्य प्रतिबंधित किए जाने के संबंध में यदि कोई हलफनामा दिया गया है जिले का कौन-कौन सा एरिया है उसे चिह्नांकित कराया जाएगा। जिस तरह के आदेश होंगे उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
विशु राजा, एडीएम