शहर के वार्ड नंबर छह लेबर कालोनी में पेयजल की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। गर्मी के मौसम में लोग अधिक परेशान दिखाई देते हैं। नगर निगम में आने के आठ साल बाद भी यहां न पानी और सफाई का इंतजाम नहीं हो सका है। विकास के नाम पर यहां आधी-अधूरी सड़कें ही बनाई गई हैं। लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर कुछ भी नहीं कराया गया है। पेयजल समस्या बड़ी समस्या है।
लेबर कालोनी में पेयजल के लिए दो-दो टंकियां हैं, जिससे कालोनी की जनता को पर्याप्त पानी मिल जाता है। इसके अलावा पूरे वार्ड में कहीं पेयजल टंकी का निर्माण नहीं हो सका। वर्षों से वार्ड के मोहल्ला दतौजी कलां, दतौजी खुर्द, नई आबादी क्षेत्र की हजारों की आबादी गंभीर पेयजल संकट से गुजर रही है। दतौजी कलां में प्रवेश करते ही सड़कों पर खाली बर्तनों की कतार नजर आती है। क्षेत्र में लगे मात्र एक नलकूप पर हजारों की आबादी निर्भर है। नलकूप आपरेटर की मनमानी के कारण पानी आने का भी समय निर्भर नहीं है। वर्षों से जनता इसी तरह अपनी प्यास बुझाने को मजबूर है। लेबर कालोनी से दतौजी जाने वाली मार्ग पूरी तरह खस्ता हाल है। सड़कों किनारे जगह-जगह गंदगी के ढेर नजर आते हैं। जहां वर्षों से सफाई तक नहीं हुई।
वार्ड नंबर छह की आबादी -तीस हजार
वार्ड में वोटर संख्या- 14600
यह हैं मोहल्ले- दतौजी कला, दतौजी खुर्द, लेबर कालोनी बेस्ट, वेस्ट ग्लास कंपाउंड, वाल्मीकि बस्ती, लेबर कालोनी, नई आबादी।
प्रमुख समस्याएं
-लेबर कालोनी वाल्मीकि बस्ती के नहीं बदले हालात
-वार्ड में गंभीर पेयजल समस्या से जूझ रहा आधा क्षेत्र
-पेयजल आपूर्ति नहीं क्षेत्र में नहीं बन सकीं नई टंकियां
-एक नलकूप पर हजारों की आबादी निर्भर, सड़कों पर लगती है खाली बर्तनों की कतार
-नई आबादी के क्षेत्रों में विकास कार्य अधूरे
बोली जनता
-पं. डब्बू शर्मा मोहल्ले में सफाई व्यवस्था की स्थिति खराब है। डस्टबिन न होने के कारण खाली प्लाटों में कूड़ा डालने को मजबूर हैं। सभासद व नगर निगम कर्मचारी कोई सुनवाई नहीं करते। दीवान सिंह कहते हैं कि दतौजी क्षेत्र में पेयजल का गंभीर संकट है। वर्षों के बाद भी क्षेत्र में एक टंकी तक नहीं बन सकती। हैंडपंप सारे खराब पड़े हैं। पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ता है। वहीं, पूरन सिंह कहते हैं कि दतौजी खुर्द में स्ट्रीट लाइटें आजतक नहीं लग सकीं। शाम होते ही चोरी की वारदातें होतीं हैं। खेमचंद्र कहते हैं कि लेबर कालोनी के नई आबादी क्षेत्र में आजतक कच्ची गलियां पड़ी हैं, जहां पानी निकासी तक का इंतजाम नहीं हैं। कई बार शिकयत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
इनकी की भी सुनिए
अपने कार्यकाल में क्षेत्र की आधी सड़कों का निर्माण कराया गया है। बोर्ड भंग होने के कारण वार्ड का आधा क्षेत्र बनने से रह गया है। वार्ड में सफाई कर्मचारी काफी कमी है। पूरे वार्ड में मात्र तीन कर्मचारी कार्य करते हैं, जबकि यहां 16 कर्मचारियों की जरूरत है। नगर निगम में कोई अधिकारी कर्मचारी सुनवाई नहीं करता है।
राधाकिशन वर्मा
निवर्तमान सभासद