फिरोजाबाद। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मिनाक्षी सिन्हा की न्यायालय में विचाराधीन मुकदमा में जिला अस्पताल के चार डाॅक्टरों सहित पांच लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश किए गए हैं। मुकदमा में 10 अप्रैल की तिथि नियत की गई है।
पीड़िता अंकिता भारद्वाज ने न्यायालय में वाद दायर करते हुए आरोप लगाया था कि 22 फरवरी 2021 को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थी। जहां उसे ऑपरेशन से बच्ची पैदा हुई। ऑपरेशन के बाद पीड़िता का स्वास्थ्य सही नहीं हुआ। परेशानी बढ़ती गई। पीड़िता ने अन्य चिकित्सकों को भी दिखाया और अंत में पता चला कि पीड़िता के ऑपरेशन के दौरान डाक्टरों व टेक्नीशियन की लापरवाही से पेट में तौलिया रह गया। पीड़िता ने चिकित्सा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत करने के बाद पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया और उसके बाद न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय ने चिकित्सकों व अन्य को तलब किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मिनाक्षी सिन्हा की न्यायालय में तमाम तारीख नियत होने के बावजूद आरोपी हाजिर नहीं हुए तब न्यायालय ने डाॅ. अनुप्रिया शर्मा, डाॅ. रोहित बाबू ओझा, डाॅ. सरीना, डाॅ. नितिन अग्रवाल एवं ओ0टी0 टेक्नीशियन मानवी के विरूद्व 10 अप्रैल 2025 के लिए गिरफ्तारी वारंट आदेश जारी किए हैं।