फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीरी प्रशासन को आज सौंप सकती है फाइनल रिपोर्ट

Sun, 28 Feb 2016 07:40 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
 सुहाग नगरी में बढ़ते प्रदूषण की हकीकत जानने को टीटीजेड अथॉरिटी के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर नागपुर की संस्था नीरी से जांच कराई जा रही है। जांच की लंबी प्रक्रिया के बाद सोमवार को नीरी की फाइनल रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन

फीरोजाबाद के कांच उद्योग पर बढ़ते प्रदूषण, क्षमता वृद्धि, कांच उत्पादों की गुणवत्ता, पीसीबी की अनुमति के बिना इकाइयों के संचालन सहित विभिन्न मामलों को लेकर लंबे समय से खतरा मंडरा रहा है। बड़े औद्योगिक संगठन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, संसदीय कमेटी, एनजीटी सहित अलग-अलग स्थानों पर कांच उद्योग के खिलाफ लगातार शिकायतें कर रहे हैं। इन शिकायतों पर विराम लगाने के लिए टीटीजेड अथॉरिटी अध्यक्ष के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा नागपुर की संस्था नीरी से प्रदूषण के वास्तविक कारणों की जांच कराई जा रही है। प्रदूषण की जांच के लिए जिला प्रशासन द्वारा भारी भरकम धनराशि नीरी की दी गई है।
नीरी के वैज्ञानिकों ने फीरोजाबाद में आकर आधुनिक मशीनों से प्रदूषण के आंकड़े जुटाए। आरटीओ कार्यालय से हाईवे पर प्रतिदिन चलने वाले वाहनों, शहर में चलने वाले जेनरेटर, कांच इकाइयों में बाहर से प्रतिदिन आने वाले वाहनों का डाटा जुटाया है। नीरी द्वारा पूर्व में ड्राफ्ट रिपोर्ट दी गई थी, जिससे प्रशासन संतुष्ट नहीं था। डीएम निधि केसरवानी ने नीरी के वैज्ञानिकों को बुलाकर जल्द फाइनल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। नीरी ने फाइनल रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। जिला उद्योग केंद्र से जुड़े सूत्रों से जुड़े सूत्रों की मानें तो फाइनल रिपोर्ट सोमवार को जिला प्रशासन को मिल सकती है।
विज्ञापन


रिपोर्ट पर ही जांच लंबित
सुहाग नगरी में प्रदूषण की जांच कर रही नीरी की रिपोर्ट का पर्यावरण मंत्रालय, एनजीटी, टीटीजेड अथॉरिटी, जिला प्रशासन, जिला उद्योग केंद्र, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ उद्यमियों को बेसब्री से इंतजार है। नीरी की रिपोर्ट पर ही एनजीटी, टीटीजेड अथॉरिटी की जांच लंबित हैं।

तो नए उद्योगों की स्थापनों को मिल सकती है हरी झंडी
सुहाग नगरी में जिन उद्यमियों ने करोड़ों रुपये खर्च कर सेटअप तैयार कर लिया है, बस उन्हें टीटीजेड अथॉरिटी से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। प्रदूषण को लेकर नीरी द्वारा की जा रही विस्तृत जांच रिपोर्ट यदि जिला प्रशासन के पक्ष तो आई तो कांच उद्योग को नई संजीवन मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें