जनपद न्यायालय प्रांगण में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 13220 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान न्यायालय प्रांगण में लगे बैंक काउंटरों पर भीड़ रही। सुबह से लेकर शाम तक वादों का निस्तारण का क्रम चलता रहा। न्यायिक अधिकारी देर रात्रि तक कुल वादों के निस्तारण के साथ अर्थदंड के आंकड़े एकत्रित करते रहे।
न्यायालय प्रांगण में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज उमेशचंद्र सक्सेना ने मां वीणा वादिनी के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा राष्ट्रीय लोक अदालत का मकसद आमजन को सस्ते से सस्ता न्याय दिलाना है। न्यायालय की पहुंच उन गरीबों तक हो सके जो अधिवक्ता करने की क्षमता तक नहीं रखते हैं। एसपी पीयूष श्रीवास्तव के अलावा अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत की व्यवस्थाओं को नोडल अधिकारी आरपी सिंह ने संभाला। एडीजे उमाशंकर शर्मा, एडीजे कोर्ट तृतीय राम लखन सिंह चंद्रौल, एडीजे कोर्ट छह मोहम्मद रिजवान अहमद, कोर्ट मैनेजर राजपाल सिंह एवं बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, सचिव सर्वेश कुमार यादव, जिला शासकीय अधिवक्ता नीरज यादव एडवोकेट, संजीव जैन एडवोकेट ने न्यायालय प्रांगण में लगे बैंकों के काउंटरों का निरीक्षण किया। इस दौरान दूर दराज से आए ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और मामलों का निस्तारण कराने में सहयोग किया। बैंक अधिकारी और स्टाफ से अपने लोग बकाए के मामलों को निस्तारित कराने को जुटे थे। कइयों के मामले निस्तारित हुए तो कई ग्रामीण फोन करके बाकी की धनराशि को जमा कराने के लिए इंतजाम करते दिखाई दिए। बैंकों के अलावा एआरटीओ, वाणिज्यकर विभाग के साथ ही न्यायिक अफसरों के न्यायालयों में भी मामलों का निस्तारण का क्रम चला।