फीरोजाबाद/सिरसागंज। नगला गुलाल गांव में सन्नाटा पसरा दिखा। प्रशासन ने जिनकी भूमि दबंगई से कब्जाई, उनके घरों में चूल्हे तक नहीं जले। किसानों को पुलिस उठा ले गई। महिलाएं बेबस थीं। कुछ पूछते ही आंखों से सिर्फ आंसू झर रहे थे। बच्चों तक ने खाना नहीं खाया। पशुओं को चारा नहीं मिला। परिवार के बुजुर्ग बोले सपा सरकार में यही दिन देखने थे। कीमती भूमि भी ले ली और जेल भेज दिया।
दस हजार से भी अधिक आबादी वाले यादव बाहुल्य गांव नगला गुलाल में रविवार को अजीब सा सन्नाटा था। अधिकांश घरों में पुरुषों की संख्या शून्य थी। चिंता यही कि कहीं प्रशासन की टीम उन्हें गिरफ्तार न कर ले। गांव में पहुंचे तो महिलाएं डरी, सहमीं दिखीं। मीडिया वालों के सामने आंखों से आंसू बह निकले। सरोज देवी बोलीं कल से घरों में रोटी नहीं बनीं, बच्चों तक ने खाना नहीं खाया। पशुओं को चारा नहीं डाल पाए। पैतृक जमीन चली गई। शिवजी के पुराने मंदिर तक को नहीं बख्शा हमारे बुजुर्ग विरोध को पहुंचे तो लाठियां से पीटा, घसीटा और गाड़ियों में डालकर ले गए। बात तक नहीं करने दी। हम लोग पहुंचे तो अभद्रता, गालीगलौज की। जानकारों की माने तो यहां 215 किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया है। इसमें प्रशासन ने बैनामा नहीं करने वाले 105 किसानों को नोटिस थमाए और शनिवार को जबरन कब्जा कर लिया। उर्मिला देवी, सोमवती, पवन कुमार के साथ ही अन्य लोग शामिल थे।
मशीनों की सुनाई दे रही थी गूंज
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे को बनाने वाली कंपनी एफकांन्स ने काम तेज कर दिया है। रविवार को कई मशीनें, एक दर्जन से अधिक डंफर, जेसीबी की गूंज सुनाई दे रही थी। किसान कहीं विरोध को न आ जाएं इस लिहाज से एसडीएम चंद्रभानु सिंह, सीओ श्यामकांत दो कंपनी पीएसी, चार थानों के फोर्स, दो महिला पुलिस की गाड़ियों के साथ मुस्तैद दिखे। जेसीबी से किसानों की बाजरा की फसल रौंदकर मिट्टी के डालने का काम चल रहा था। प्रशासन इस कार्य को दो दिन के अंदर ही पूरा करना चाहता है।
जितनी अधिग्रहीत की उससे अधिक जोत ली
किसानों का आरोप है कि उनकी भूमि एक्वायर करने से भी अधिक जोत ली। सर्वेश कुमार की दो बीघा के स्थान पर चार बीघा, रोहन सिंह की 12 बीघा के स्थान पर 15, गोपाल सिंह पांच बीघा के स्थान पर आठ बीघा, सुबीर सिंह चार बीघा के स्थान पर आठ बीघा जबरन प्रशासन ने जोत ली। सड़क के किनारे वाले किसानों को 5.20 लाख बीघा और अंदर 4.20 लाख प्रति बीघा की दर से मुआवजा दिया है। जबकि जिन किसानों ने बैनामा नहीं किया उनसे काफी सस्ती भूमि ले ली है।
सपा नेताओं के खिलाफ दिखा गुस्सा
नगला गुलाल क्षेत्र के किसानों में सपा नेताओं के खिलाफ गुस्सा दिखाई दिया। बुजुर्ग किसान बोले स्थानीय नेताओं ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक हमारी बात नहीं पहुंचाई यदि पहुंचा देते तो शायद यह दिन नहीं देखने पड़ते। वह स्थानीय नेताओं को कोस रहे थे।
सात किसानों को भेजा जेल
भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे सात किसानों पर कई संगीन धाराओं को लगाने के साथ उन्हें जेल भेज दिया है। इनमें पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह (62), सर्वेश कुमार, सुरेश चंद्र, सतीश चंद्र, ब्रजेश कुमार, ज्ञान प्रकाश तथा वीरेंद्र शामिल हैं। शनिवार को देर रात्रि जिला अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराने के बाद रामगढ़ थाने में इनको रखा। इनके खिलाफ तहसीलदार शिकोहाबाद की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया। थाने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरीशंकर तिवारी, हाजी सईद पटेल, उमाकांत पचौरी एडवोकेट, विजेंद्र सिंह, बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव नाहर सिंह यादव एडवोकेट, लाल सिंह तोमर के साथ काफी लोग पहुंचे।
यूथ कांग्रेस ने अर्द्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में यूथ कांग्रेस ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन ने किसानों के साथ अन्याय नहीं रोका तो सड़क पर आंदोलन होगा।
यूथ कांग्रेस के लोकसभा इकाई अध्यक्ष सौरभ पोरवाल व राजकुमार, आशीष अहमद, वकार अहमद, गोपाल आर्य एवं भोलू अग्रवाल, ईलू यादव, अरुण पचौरी, अतुल पोरवाल ने अर्द्धनग्न प्रदर्शन किया। सौरभ पोरवाल ने कहा कि केंद्र की भाजपा, प्रदेश की सपा सरकार किसानों की भूमि जबरन हथिया रही है। किसानों के सैफई की दरों के अनुरूप मुआवजा मिलना चाहिए। प्रदेश सचिव प्रकाशनिधि गर्ग ने कहा कि लाठीचार्ज की जितनी निंदा की जाए कम है। वकार अहमद ने कहा कि हम आंदोलन करेंगे। चांद कुरैशी, कल्लू अंसारी, राजू, मोहित, रोहित, डैनी गुप्ता, आशीष शुक्ला आदि शामिल थे।