आलू किसान का बदमाशों ने अपहरण कर लिया। परिवारीजनों और आलू खोदाई का कार्य कर रहे मजदूरों के हाथ-पैर बांधकर खेत पर छोड़ गए। किसी तरह बंधनमुक्त होकर परिवारीजनों ने ग्रामीण और पुलिस को जानकारी दी। इस पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना के तीन घंटे बाद पुलिस के आने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने टूंडला-एटा मार्ग पर जाम लगा दिया।
घटना मंगलवार रात की है। थाना नारखी के गांव राजमल निवासी किसान रहमत अली 40 पुत्र अल्लानूर आलू किसान हैं। उन्होंने करीब तीन सौ बीघा आलू की फसल की है। रहमत अली अपने तीन चचेरे भाईयों व मजदूर इज्जत अली, सलीम व इसरार के साथ आलू खुदवाने के बाद खेते पर सो गए थे। रात करीब ढाई बजे करीब रहमत की चीख सुनकर चचेरे भाई और मजदूर जाग गए। तभी हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें कब्जे में कर लिया। उनके हाथ-पैर बांधकर खेत पर पटक दिया और बदमाश रहमत अली का गाड़ी में डालकर अपहरण कर ले गए। किसी तरह चचेरे भाई व मजदूरों ने स्वयं को बंधनमुक्त किया और परिवारीजनों के साथ नगला बीच चौकी पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। करीब तीन घंटे बाद पहुंची पुलिस को देख ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। उन्होंने टूंडला-एटा मार्ग पर जाम लगा दिया। टूंडला, पचोखरा, नारखी पुलिस के अलावा क्यूआरटी व पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रेमप्रकाश यादव भी पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसी तरह सीओ ने लोगों को समझाबुझा कर जाम खुलवाया। इसके बाद करीब 7.15 बजे जाम खुल सका। करीब एक घंटे जाम लगे रहने से वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। परिवारीजनों ने बताया कि रहमत अली पांच भाई हैं। एक भाई दिल्ली में कबाड़े के बड़े कारोबारी हैं।
पुलिस सक्रियता दिखाती तो पकड़े जा सकते थे बदमाश
टूंडला ब्यूरो। पुलिस अगर सक्रियता दिखाते हुए रैंज स्कीम लागू करती तो बदमाश पकड़े जा सकते थे। घटना के मात्र 20-25 मिनट बाद ही बंधनमुक्त हुए चचेरे भाइयों ने नगला बीच पुलिस को घटना से अवगत कराया था लेकिन पुलिस ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया।
सुबह लगे जाम में फंसे परीक्षार्थी
ग्रामीणों ने करीब 6.15 बजे जाम लगाया था। इस दौरान दूर दराज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षा देने के लिए परीक्षा निकले हुए थे। जाम में वह भी फंस गए। काफी समझाने के बाद भी जब ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला तो उन्होंने पैदल ही दौड़ लगा दी। जैसे तैसे वह परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे।
आलू किसान को मुक्त कराने के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। जांच से पता चला है कि अपहरणकर्ता रहमत अली को जानते थे। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही रहमत अली को मुक्त करा लिया जाएगा।
प्रेमप्रकाश यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी, टूंडला