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रात भर चला डैमेज कंट्रोल, चर्चित कर्मी के जरिए वापस कराई गई रकम

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रात भर चला डैमेज कंट्रोल, चर्चित कर्मी के जरिए वापस कराई गई रकम
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ठेकेदारों से कमीशनखोरी का मामला : एक अन्य की जेब में कमीशन फंसने की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। नगर निगम के ठेकेदारों से कमीशन का मामला सामने आने के बाद निगम के अफसर-कर्मी शनिवार को सहमे-सहमे दिखे। शुक्रवार को दिनभर ठेकेदारों ने राज्य वित्त,14वें और 15वे वित्त के जरिए कराए कार्यों के लंबित भुगतान के एवज मोटी रकम का कमीशन के रूप में लेने व भुगतान न मिलने का विरोध किया था। मामला शासन तक पहुंचता देख मामले में देर रात में डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू हो गई। सूत्रों की मानें तो निगम के एक चर्चित बाबू के जरिए ठेकेदारों से वसूली की गई रकम वापसी का खेल रात भर चला।
ठेकेदारों ने अपर नगर आयुक्त के आवास के बाहर से लेकर कलेक्ट्रेट व हाईवे तक विरोध जताया था। जानकारों की मानें तो ठेकेदारों से वसूली गई रकम का बंदरबांट पहले ही हो चुका था। ऐसे में आरोपी अफसरों के पास पहुंची रकम तो वापस मिल गई। लेकिन एक अन्य जिम्मेदार पदाधिकारी की जेब में पहुंची धनराशि अभी भी वापस नहीं हुई है।
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विवादों से घिरे रहे हैं अपर नगर आयुक्त
कानपुर से स्थानांतरित होकर आए अपर नगर आयुक्त शुरू से ही अपनी कार्यशैली को लेकर विवादों से घिरे रहे हैं। नगर निगम के कई प्रकरणों में उनके कारण निगम की छवि भी खराब हुई है। फिर चाहे ठेका कर्मचारियों के साथ अभद्रता का मामला हो या फिर पार्षदों के साथ उनकी नोकझोंक पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी रही। इतना ही नहीं अतिक्रमण हटाओ अभियान में व्यापारियों के चालान की रकम भी जेब में रखे जाने व जबरन रकम ठेले से उठा लेने की शिकायतें भी डीएम से की गई। बताते हैं कि कानपुर नगर निगम से फिरोजाबाद उनका स्थानांतरण एक इंजीनियर के साथ बदसलूकी के कारण आनन फानन में किया गया था।
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- स्थानीय स्तर पर नगर निगम अफसरों की कार्यशैली व ठेकेदारों के साथ वसूली व निगम के भ्रष्टाचार की शिकायत भाजपा कार्यकर्ताओं व पार्टी के नेताओं ने भी की है। मामला गंभीर है, मामले की जांच कराई जाएगी।
- भूपेंद्र चौधरी, प्रभारी मंत्री आगरा मंडल।
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