फरिहा के गांव बलीपुर तपस्या में डेंगू का डंक कमजोर नहीं हुआ है और न ही वायरल का प्रकोप। मरीजों के खून की स्लाइड तो बनाई गईं, मगर रिपोर्ट नहीं भेजी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की औपचारिकता पूरी होने पर स्वास्थ्य कर्मी हालात सामान्य होने का प्रमाण लेने कागज लेकर गांव पहुंच गया। इस पर ग्रामीणों ने मना कर दिया।
करीब एक माह से पूरा गांव वायरल के प्रकोप और डेंगू से परेशान है। पहले तो स्वास्थ्य विभाग ग्रामीणों की समस्याओं को अनदेखा करता रहा। मामला उजागर होने पर दो-तीन दिन दवा वितरित की गई। वहीं रक्त परीक्षण कर स्लाइड बनाई गईं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही रही कि स्लाइड बनाई गई लेकिन आज तक जांच वितरित नहीं की गई। ऐसे में आज भी गांव में दर्जनों लोग बीमार पड़े हैं। सोमवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम कागजों पर हस्ताक्षर कराने पहुंची। इस पर गांव की स्थिति सामान्य होने की बात अंकित थी। हालांकि ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को लौटा दिया। ग्रामीण क्षेत्रपाल ने बताया कि कैंप महज औपचारिकता थी। आज भी दर्जनों लोग बीमारी का शिकार है। शहरी क्षेत्रों से दवा लाने को ग्रामीण पूरी तरह मजबूर हैं।
गांव में बीमार लोग
ग्रामीण क्षेत्रपाल सिंह ने बताया कि छोटे, विद्या देवी, गंगा देवी, मानेंद्री, प्रेम किशोर, राजवीर, शालिनी, शारदा देवी, ऊषा देवी, इंद्रवती, पूरन देवी, यशपाल, सनी प्रताप, कंठश्री, उमेश, जोधपाल, अजयवीर, सरोज, गीता, रामवीर सिंह आदि।
यदि गांव में स्थिति सामान्य नहीं है तो स्वास्थ्य विभाग की टीम पुन: भेजी जाएगी। क्षेत्र में फॉगिंग भी कराई जाएगी। रक्त परीक्षण हुआ और जांच रिपोर्ट क्यों नहीं दी? जानकारी की जाएगी।
डॉ. भरत सोनकर
सीएमओ
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