नगर पालिका के बाद नगर निगम बना फीरोजाबाद अब सीमा विस्तार की तैयारी में है। इसके लिए जिला मुख्यालय से राजा का ताल तक हाइवे पर करीब 15 किमी परिक्षेत्र का प्रस्ताव तैयार हो रहा है।
सुहागनगरी के नाम से मशहूर वर्षों पुराने शहर फीरोजाबाद को अब सीमा विस्तार की जरूरत महसूस हो रही है। शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, गली-मोहल्लों से लेकर तंग गलियों में अतिक्रमण व जाम की समस्या से जनता का दम घुट रहा है। हर कोई शहर से अतिक्रमण व जाम की समस्या से निजात पाने के लिए छटपटा रहा है। जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा कई बार अतिक्रमण, जाम से मुक्ति दिलाने को योजनाएं बनाई गईं, लेकिन आजतक जनता को न जाम से मुक्ति मिली न सड़कों से अतिक्रमण हट सका।
शासन द्वारा नगर पालिका को चार अगस्त को नगर निगम का दर्जा दिया गया तो जनता को भी शहर के चहुंमुखी विकास की उम्मीद जागी। नगर निगम प्रशासन द्वारा जनता की उम्मीद के मद्देनजर शहर का विस्तार करने को मंथन शुरू कर दिया है कि इसमें कौन-कौन से इलाके शामिल किए जाएं। इसके साथ ही नगर निगम प्रशासन ने तहसील से क्षेत्रफल व गाटा संख्या के साथ-साथ राजस्व अभिलेख जुटाना शुरू कर दिया है।
विस्तार के बाद यह होंगी नगर निगम की सीमा
पूर्व - जिला मुख्यालय
पश्चिम - राजा का ताल
उत्तर - पचवान
दक्षिण - सोफीपुर
वर्षों बाद भी 13 ग्रामसभाओं की नहीं बदली तस्वीर
नगर पालिका (वर्तमान में नगर निगम) द्वारा वर्ष 2008 में शहर से सटी 13 ग्रामसभाओं की नगर पालिका सीमा में शामिल किया गया, लेकिन वर्षों बाद भी 13 ग्रामसभाओं से जुड़े क्षेत्रों की तस्वीर नहीं बदली। 13 ग्रामसभाओं से जुड़ी लाखों की जनता आज भी कच्ची सड़कों पर जलभराव, गंदगी, पेयजल व विद्युत समस्या से जूझ रही है, ऐसे में नगर निगम सीमा में शामिल होने वाले नए क्षेत्र का विकास कैसे होगा, इसका नगर निगम अफसरों के पास कोई जवाब नहीं है।
शहर के विकास के लिए सीमा विस्तार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसके लिए जिला मुख्यालय से राजा का ताल कवर करने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। सीमा विस्तार के लिए तहसील से अभिलेख जुटाए जा रहे हैं। तहसील से अभिलेख मिलने के बाद सीमा विस्तार की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त