फिरोजाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिरोजाबाद नगर निगम के खिलाफ आगरा की कॉमर्शियल कोर्ट द्वारा जारी 1.28 करोड़ के भुगतान आदेश पर स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) दे दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से नगर निगम प्रशासन को बड़ी राहत मिली है।
यह मामला साल 2007-2008 का है, जब नगर पालिका (जो अब नगर निगम बन चुकी है) के कुछ ठेकेदारों का नाली और सड़क निर्माण का भुगतान लंबित था। सतीश चंद नामक एक ठेकेदार ने इसी लंबित भुगतान को लेकर आगरा की कॉमर्शियल कोर्ट में अपील की थी। कॉमर्शियल कोर्ट ने 28 फरवरी, 2025 को नगर निगम को ठेकेदार को 1 करोड़ 28 लाख का भुगतान करने का आदेश दिया था।
नगर निगम प्रशासन ने इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की। नगर निगम के अधिवक्ता अभिनव कृष्ण श्रीवास्तव ने बताया कि हाईकोर्ट ने पत्रावली का अध्ययन करने के बाद कॉमर्शियल कोर्ट आगरा के निर्णय पर स्थगन आदेश जारी कर दिया है।
नगर निगम के सहायक आयुक्त निहाल चंद ने कहा कि कॉमर्शियल कोर्ट के निर्णय से निगम को वित्तीय हानि की आशंका थी, इसलिए हाईकोर्ट में अपील की गई थी। हाईकोर्ट ने निगम के पक्ष को तर्कसंगत मानते हुए स्थगन आदेश जारी किया है।