लैपटॉप वितरण कार्यक्रम में पहुंचे सांसद अक्षय यादव को छात्राओं के विरोध का सामना करना पड़ा। सांसद से मिलने और लैपटॉप देने की मांग कर रही छात्राओं को पुलिस ने लाठी और थप्पड़ों से पीटा। इससे मची भगदड़ और अफरा तफरी के माहौल में कई छात्राएं गिर कर घायल हो गईं। पुलिस ने सात छात्राओं को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उनके अभिभावकों ने भी हंगामा काटा। देर शाम तक हिरासत में ली गई छात्राओं को पुलिस लाइन में बैठाया हुआ था।
शनिवार को जिले के मेधावी छात्रों को लैपटाप वितरित करने के लिए सपा सांसद अक्षय यादव सुहागनगरी के पालीवाल हाल पहुंचे। वहां गेट पर छात्राओं ने सांसद का विरोध किया और उनसे लैपटॉप की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगी। सांसद कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो छात्राएं भी अंदर जाने की जिद करने लगीं। पुलिस ने रोका तो ये हंगामा करने लगी। इसके बाद महिला थाना एसओ मिथलेश सेंगर व अन्य पुलिस कर्मियों ने छात्राओं को धकियाना और पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान पुलिस कर्मियों ने लाठियां पटकी तो भगदड़ मच गई। चार छात्राएं गिरकर घायल हो गईं। पुलिस ने सना हुसैन, माधुरी रेनू, खुशबू, शबाना, संध्या आदि को हिरासत में ले लिया और उन्हें लेकर पुलिस लाइन चली गई। इसकी जानकारी पाकर पहुंचे परिवारीजनों ने पालीवाल हाल में हंगामा किया तो पुलिस ने उन्हें भी भगा दिया। हिरासत में ली गईं छात्राओं ने बताया कि उन्होंने 2014 में इंटर पास किया था, अब एमजी कालेज में पढ़ रही हैं। सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में जिन योजनाओं को पूरा करने की बात कही थी, उनका लाभ जनता को नहीं मिला। घोषणा अगर पूरी नहीं कर सकते तो वादा ही क्यों करते हैं ?
बता दें, लैपटॉप वितरण सूची में नाम न होने की जानकारी पर छात्राओं ने कुछ दिन पूर्व डीएम से शिकायत की थी साथ ही गुरुवार को गांधी पार्क चौराहे पर जाम लगाया था, तब सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच कराने का आश्वासन भी दिया था।