फिरोजाबाद। इंवेस्टर्स समिट के दौरान आए करीब 1500 करोड़ लागत के औद्योगिक विकास से जुड़े प्रस्ताव निरस्त होंगे। भूमि की उपलब्धता, अंतर विभागीय एनओसी नहीं मिल पाने आदि दिक्कतों के चलते डीएम ने इन प्रस्तावों को पोर्टल से हटाने के निर्देश उद्योग विभाग के अफसरों को दिए। डीएम ने युवा उद्यमी योजना के क्रियान्वयन में धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जाहिर की। जिलाधिकारी रमेश रंजन ने सोमवार को उद्योग व श्रम विभाग के माध्यम से संचालित योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि इंवेस्टर्स समिट 2023 में हस्ताक्षरित 6500 करोड़ की लागत वाले 2300 एमओयू की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान करीब 1500 करोड़ की राशि के प्रस्ताव धरातल पर नहीं होना पाया। डीएम ने धरातल पर नहीं आने वाले सभी 1500 करोड़ के एमओयू को पोर्टल से हटाने के निर्देश उद्योग विभाग के अफसरों को दिए।
डीएम ने पीएम विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए एडीओ पंचायत प्रचार-प्रसार बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले युवा उद्यमी योजना के पात्रता श्रेणी वाले आवेदनों के निस्तारण में बैंक शाखाओं की हीलाहवाली पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ प्रबंधकों प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य, उपायुक्त उद्योग संध्या यादव,क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।