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बेटे की मौत पर बिलखती रही मां,बेसुध हुई पत्नी

Mon, 29 May 2017 11:33 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
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जलोपुरा पहुंचे कैबिनेट मंत्री प्रो. ‌एसपी सिंह बघेल।
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गुवाहाटी में तैनात जलोपुरा निवासी बीएसएफ के जवान विजेंद्र के शव का इंतजार परिजन एवं रिश्तेदार सोमवार को पूरे दिन करते रहे। 82 वर्षीय मां मोहरश्री का रो-रोकर बुरा हाल था वहीं पत्नी गुड्डी देवी सुध-बुध खो बैठी थी। महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाने में जुटी थी। एसडीएम सदर अम्बरीश कुमार बिंद,सीओ टूंडला प्रेम प्रकाश यादव भी गांव पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी की।
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असम के गुवाहटी में तैनात रहे बीएसएफ के सूबेदार विजेंद्र सिंह (52)पुत्र अशर्फी लाल की गत दिवस मौत होने की सूचना उनके भतीजे रमेशचंद्र ने दी थी। सूचना मिलने के साथ ही परिवार में कोहराम मच गया था। विजेंद्र के परिजनों की रविवार की रात्रि आंखों ही आंखों में बीत गई। सोमवार को पूरे दिन परिजन शव के आने का इंतजार करते रहे। मां मोहरश्री (82) वर्षीय रो-रोकर बुरा हाल था। वह कह रहीं थी कि ईश्वर मुझे उठा लेता मेरा बेटा कहां चला गया। उन्हीं के पास विजेंद्र की दो बहनें ऊषा देवी,गुड्डी देवी भाई के लिए बिलख रहे थे। पत्नी गुड्डी देवी बेसुध थी। महिलाएं कभी ढांढस बंधाती तो कभी उसे होश में लाने का प्रयास ही कर रही थी। छोटा पुत्र शशिकांत चबूतरे पर बेसुध पडा था। होश में आने पर यही कहता पापा कहां मिलेंगे। रमाकांत का हाल बेहाल था। विजेंद्र के भाई राकेश यादव उनको ही ढांढस बंधा रहे थे। बड़े पुत्र उमाकांत ने बताया कि पिताजी का शव सोमवार दोपहर 1.30 बजे गुवाहाटी से दिल्ली से लिए रवाना हुए थे। हवाई जहाज के माध्यम से शाम करीब पांच बजे शव दिल्ली आ सका। जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम सदर अम्बरीश कुमार बिंद,सीओ टूंडला प्रेम प्रकाश यादव गांव पहुंचे। परिजनों को ढांढस बंधाया। क्षेत्रीय लेखपाल विजेंद्र सिंह गांव में डेरा डाले हुए थे। तहसीलदार सदर सतीशचंद्र ने बताया कि बीएसएफ के जवान की मौत कैसे हुई यह कारण उनके साथी स्पष्ट कर सकेंगे।

गांव में नहीं जले चूल्हे
बीएसएफ के सूबेदार विजेंद्र सिंह की मौत की खबर मिलने के साथ सोमवार को कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। गांव के वाशिंदों ने बताया कि होली की द्वौज पर बेटे की शादी करने के बाद चले गए थे। ढाई हजार आबादी वाले गांव में सन्नाटा पसरा था। हर कोई इस घटना से स्तब्ध था।
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14 जून से मथुरा में होनी थी पोस्टिंग
बीएसएफ के सूबेदार विजेद्र सिंह यादव की गुवाहाटी से 14 जून को मथुरा ट्रांसफर होना तय था। भतीजे बंटू यादव ने कहा कि चाचा भी घर के करीब आने का कारण खुश हो रहे थे। लेकिन उन्हें क्या पता था उनकी यह खुशी अधूरी ही रह जाएगी। आखिर विधाता नें उन्हें ही हमसे छीन लिया।
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