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Firozabad News: बनावटी चेहरे को देखकर सतर्क हो जाते हैं बंदर, नहीं फंसते जाल में

Thu, 17 Jul 2025 12:13 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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चांद, मदारी
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फिरोजाबाद। नौ साल तक पिता के साथ सीखे बंदरों को जाल में फंसाने के गुर युवक चांद के अब काम आ रहे हैं। मथुरा निवासी चांद नगर निगम क्षेत्र में बंदर पकड़ने के लिए आई तीन सदस्यीय मदारियों की टीम का हिस्सा है। कई बार घायल हो चुका चांद बंदर पकड़ने में अब बेहद उस्ताद है। बंदरों को जाल में फंसाने के लिए से पहले वह उनके समुचित पुनर्वास अथवा छोड़ने वाले स्थल की टोह लेना नहीं भूलता। चांद के अनुसार बंदर पकड़ना अलग बात है कि जानवर के साथ अत्याचार उसे स्वीकार नहीं होता।
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नगर निगम ने मथुरा की एक फर्म को शहर में करीब 2000 बंदर पकड़ने के लिए नामित किया है। बीते पांच दिन से जारी अभियान के तहत अभी तक करीब 430 बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ गया है। अभियान अभी जारी रहेगा। वहीं बंदरों को पकड़ने आई तीन सदस्यीय टीम को निगम प्रशासन की ओर से सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की हिदायत दी गई है। टीम के सदस्य चांद के अनुसार बंदरों को अपने जाल में फंसाना काफी मुश्किल होता है। वह कई बार बंदरों के हमलों से घायल हो चुका है। लेकिन पिता के सिखाए गुर व तरकीब उसके लिए रोजगार का साधन बन चुकी है। चांद के अनुसार जाल में फंसे बंदरों को किसी प्रकार की हानि नहीं होने पाए इसका ख्याल रखा जाता है।

जाल फैलाने का वक्त सबसे महत्वपूर्ण-
चांद के अनुसार बंदर पकड़ने का सबसे उपयुक्त समय सुबह 9 बजे तक होता है। इसके बाद दोपहर का वक्त सही है। इस अवधि में बंदर भूखे होते हैं। उन्हें केला अथवा चना पसंद होते हैं। बंदरों से आमजन की तरह टीम के लोग व्यवहार करते हैं। जिससे बंदर उनके द्वारा केले, चने को खाने के लिए एकत्र हो जाए। जैसे ही बंदरों का झुंड आता है, पहले से ही फैलाए जाल का गेट बंद कर दिया जाता है। बंदर पकड़े वाले चांद का कहना है कि बंदरों को जाल तक लाने के लिए चेहरा सामान्य रहना चाहिए। चेहरे पर डर अथवा खौफ झलकने से बंदर पास नहीं आते हैं।
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वन विभाग द्वारा चुने गए स्थानों पर छोड़े जा रहे
पकड़े गए बंदरों को नियमानुसार बगैर किसी प्रकार की हानि के सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाना चाहिए। वन विभाग इसकी मॉनीटरिंग करता है। बंदरों को छोड़ने के लिए वन विभाग ने टूंडला के धीरपुरा नियामतपुर और नगला सिंघी के वन ब्लॉक को चिन्हित किया है। इसके अलावा फिरोजाबाद में उस्मानपुर, कूर्रीकूपा, पिलुआ और प्रेमपुर को चिन्हित किया है। शिकोहाबाद में हरिया, समूहा एवं नगला राधे के अलावा सिरसागंज क्षेत्र में रूवरूपपुर, उरावर एवं मोहम्मदपुर नादई वन ब्लॉक चिन्हित किए हैं।

बुधवार को 98 बंदर पकड़े
अभियान के तहत निगम ठेकेदार की टीम ने बुधवार को मोहल्ला सरस्वती नगर एवं क्लब चौराहे के समीप से 98 बंदरों को पकड़ा। क्षेत्रीय पार्षद कायम सिंह की मौजूद रहे। सभी को टूंडला के हरिया क्षेत्र में छोड़ा गया।
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बंदर पकड़ने का अभियान अभी जारी रहेगा। पकड़ने से लेकर सुरक्षित स्थान तक छोड़ने तक बंदरों की निगरानी की जा रही है।
निहाल चंद, सहायक नगर आयुक्त
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