होली पर भीड़ के चलते कानपुर स्टेशन पर मौजूद एक छात्रा परिवारीजनों से बिछड़ गई। यही नहीं वह गलत ट्रेन में सवार हो गई। जब उसे इसकी जानकारी हुई तो उसके होश उड़ गए। बाद में पुलिस की मदद से उसे टूंडला में उतार परिवारीजनों के सुपुर्द किया गया।
कानपुर के थाना काकादेव के 117 सर्वोदय नगर निवासी विनोद कुमार वर्मा कानपुर रेलवे स्टेशन पर परिवार सहित अपने पैतृक गांव जाने के लिए बुधवार देर रात ट्रेन आने का इंतजार कर रहे थे। उनकी 12 वर्षीय पुत्री सोनाली वर्मा भी पिता के साथ स्टेशन पर खड़ी हुई थी। ट्रेन आने के दौरान स्टेशन पर भीड़ की अधिकता के चलते सोनाली परिजनोें से बिछड़ गई। इस बीच कानपुर रेलवे स्टेशन पर आकर रुकी विक्रमशिला एक्सप्रेस में वह गलती से सवार हो गई। जबकि परिजन उसे कानपुर रेलवे स्टेशन पर ही तलाशते रह गए। जब विनोद को पुत्री का पता नहीं चला तो उन्होंने जीआरपी को जानकारी दी। सोनाली की तलाश के लिए टूंडला, इलाहाबाद व लखनऊ जीआरपी थानों को चेकिंग के आदेश दिए गए। सूचना पर टूंडला जीआरपी स्टेशन पर ट्रेनों की चेकिंग में लग गई। पुलिस ने विक्रमशिला एक्सप्रेस में बैठी सोनाली से पूछताछ की तो वह फफक पड़ी। इसके बाद पुलिस ने उसे ट्रेन से उतार परिवारीजनों को जानकारी दी। सूचना पर परिवारीजन भी टूंडला स्टेशन पहुंच गए। परिवारीजनों को देख छात्रा उनसे लिपट गई।