फिरोजाबाद। यूपी के आम बजट में युवा उद्यमी विकास अभियान की घोषणा से फिरोजाबाद के कांच व हस्तशिल्प उद्योग की तरक्की का नया रास्ता खुलेगा। कांच उद्यमियों के मुताबिक 10 साल के लिए लागू होने वाली योजना के जरिए लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम श्रेणी (माइक्रो इंडस्ट्रीज) की स्थापना से शहर के कांच उद्योग को पंख लग सकेंगे। प्रदेश सरकार ने अपने आम बजट में आने वाले 10 साल के लिए एमएसएमई उद्योग को बढ़ावा देने का एलान किया है। युवा उद्यमी विकास अभियान के बाद शहर परंपरागत एवं एमएसएमई श्रेणी के कांच व हस्तशिल्प उद्योग सहूलियतें मिलने की पूरी उम्मीदें हैं। बताते चलें कि अभियान के तहत छोटे व मध्यम श्रेणी के उद्योगों के लिए प्रदेश सरकार ने एक हजार करोड़ का बजट निर्धारित करने का एलान किया है। बजट निर्धारण संबंधी मुख्यमंत्री की घोषणा से हर साल करीब 2500 करोड़ का कारोबार करने वाले सुहागनगरी के कांच निर्यातक, हस्तशिल्पी एवं इकाई संचालक उत्साहित हैं। हालांकि कांच उद्योग जगत ने नए बजट में माल भाड़ा पर सब्सिडी, मेला प्रदर्शनी में प्रतिभाग पर मिलने वाले अनुदान पर अन्य राहत देने की मांग पूरी नहीं हो सकी है।
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-माइक्रो इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने की बात अच्छी पहल है। इससे एमएसएमई श्रेणी के कांच व चूड़ी उद्योग को बड़ा लाभ होगा। हस्तशिल्प आयटम का निर्यात करने वाले युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
पीके जिंदल, कांच चूड़ी उद्यमी
-सरकार माल भाड़ा अनुदान राशि को 20000 से बढ़ा कर न्यूनतम 50000 करें। इसके अलावा देश-विदेश में आयोजित होने वाले मेला में स्टॉल लगाने वाले हस्तशिल्पियों को स्टॉल खर्च में वर्ष में तीन बार अनुदान देने संबंधी नियम में बदलाव कर पांच बार किया जाए।
राजकुमार मित्तल, अध्यक्ष यूपीजीएमएस
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अन्य कांच कारोबारी देशों चाइना, थाईलैंड और टर्की आदि पर देशों पर भारत में माल स्टॉक की स्थिति में एंटी डंपिग ड्यूटी लगाई जाए। इससे घरेलू उत्पादों के चलन को रफ्तार मिलेगी
मुकेश बंसल टोनी, अध्यक्ष निर्यातक एसोसिएशन
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए नए लिंक एक्सप्रेस-वे निर्माण उद्यमियों को बड़ी राहत देगा। दोनों एक्सप्रेस वे लिंक होने के बाद उद्यमियों को परिवहन संबंधी सुविधा बेहतर तरीके से मिलेगी।
संजय जैन, कांच चूड़ी उद्यमी