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मंडी इंस्पेक्टर सस्पेंड, फर्म पर कार्रवाई की तैयारी

Mon, 04 May 2015 11:16 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
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भूकंप पीड़ितों के लिए भेजा गया आलू बेच देने के शर्मनाक मामले में आखिरकार कार्रवाई शुरू हो गई है। पर्दा डालने की कोशिश में जुटे मंडी प्रशासन ने दो दिन बाद माना कि भूकंप पीड़ितों के हिस्से का आलू मंडी में बेच दिया गया था। 139 बोरे आलू को लेकर फर्म की जांच की गई। फर्म में क्रय विक्रय अभिलेख न मिलने पर सोमवार को मंडी परिषद के डिप्टी डायरेक्टर ने इंस्पेक्टर संतोष कुमार गुप्ता को सस्पेंड कर दिया। फर्म के लाइसेंस को निरस्त करने के लिए मंडी के सभापति (सिटी मजिस्ट्रेट) को पत्र लिखा गया है।
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सोमवार सुबह डिप्टी डायरेक्टर मूूलचंद गंगवार मंडी में स्थित गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी (दुकान नं डी-2) पहुंचे। इसी दुकान पर आपदा का आलू बेचा गया था। हालांकि मंडी के अफसर पहले तो यह दावा कर रहे है कि आलू वापस करवा दिया गया है लेकिन शासन की सख्ती के बाद अफसरों को अपना रुख बदलना पड़ा। जांच के दौरान दुकान से क्रय विक्रय अभिलेख और दुकान लाइसेंस नहीं मिला। इसी दुकान से तीन फर्म काम चल रहा था। जांच में लापरवाही की बात सामने आई तो डिप्टी डायरेक्टर ने मंडी इंस्पेक्टर संतोष कुमार गुप्ता को अनियमितता का दोषी पाते हुए सस्पेंड कर दिया। डिप्टी डायरेक्टर मूलचंद गंगवार ने बताया कि एक दुकान में तीन फर्म चल रही थी। दुकान में क्रय विक्रय से जुड़े अभिलेख भी नहीं मिले। इंस्पेक्टर की यह जिम्मेदारी होती है कि मंडी में किस दुकान पर कौन सा सामान, कहां से आया और किसने खरीदा, इसकी जांच करें। लापरवाही सामने आने पर दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को पत्र लिखा गया है। साथ ही दोषी इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है।

फीरोजाबाद में हड़कंप
नेपाल में आए भूकंप पीड़ितों की सहायता को भेजा चार ट्रक आलू मंडी के स्टाफ व अफसरों के लिए मुसीबत बन गया है। आलू गोरखपुर की महेवा मंडी में बिक्री करने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद अब दोषियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। गोरखपुर के मंडी निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की है, आलू को खरीदने वाले व्यापारी का लाइसेंस निलंबित किया है। कार्रवाई की भनक लगने के बाद स्थानीय मंडी अफसरों में इससे हड़कंप मचा हुआ है। जिस ट्रक को महेवा मंडी में खड़ा दिखाया गया उसमें फीरोजाबाद का आलू भरा था। चिंता यही है कि कहीं शासन से उनके खिलाफ कार्रवाई न हो जाए। इस संबंध में मंडी सचिव आरके सिंह का कहना है कि गोरखपुर के स्टाफ, व्यापारी पर जो कार्रवाई हुई वह उनकी गलती थी। फीरोजाबाद से इसका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि चार ट्रक आलू में सौ क्विंटल मथुरा, 120 क्विंटल आगरा, 150 क्विंटल फीरोजाबाद एवं 200 क्विंटल आलू फतेहाबाद से भेजा था। आलू से सीधे आगरा एवं गोरखपुर का स्टाफ जुड़ा है। फीरोजाबाद मंडी से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
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