दुलार योजना के माध्यम से कुपोषित बच्चों के परिवारों को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर डबल पुष्टाहार दिया जाएगा। इसकी शुरूआत अभी गोद लिए गांवों में होगी। प्रयोग सफल रहने पर धीरे धीरे योजना को सभी गांवों में लागू की जाएगी। इससे गरीबों को रोजगार मिलेगा, वहीं कुपोषण भी खत्म होगा।
शासन ने अतिकुपोषण को समाप्त करने एवं बच्चे सुरक्षित श्रेणी में लाने को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जिला स्तरीय अधिकारियों ने दो-दो गांव को गोद लिए हैं। डीएम विजय किरन आनंद ने खैरगढ़ और दखिनारा को गोद लिया है। वहीं डीपीओ आभा सिंह ने सदर ब्लाक के गांव पहाड़पुर को गोद लिया है। इसी गांव में डीएम विजय किरन आनंद के निर्देशन में दुलार योजना की शुरूआत की गई है। डीपीओ आभा सिंह ने कहा कि दुलार योजना के तहत पहले अति कुपोषित बच्चों का चिह्नांकन किया जाएगा। उनके परिवार की आय कितनी है, देख्रा जाएगा। यदि गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार हैं तो ऐसे परिवारों के मुखिया को मनरेगा जॉबकार्ड बनवाया जाएगा। इसके साथ ही उक्त परिवार को शासन की विभिन्न लाभकारी योजनाओं का भी लाभ दिलाने की पहल होगी। उन्होंने कहा कि कुपोषण के शिकार बच्चों को पुष्टाहार डबल दिया जाएगा। लगातार वजन कराने के ही साथ उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा इसकी शुरूआत ग्राम पहाड़पुर से की है गई। प्रयोग सफल रहने पर अन्य गांवों में भी इस योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को कायाकल्प करने का काम किया जाएगा।