फीरोजाबाद में मकर संक्रांति पर्व को लेकर इस बार भी भ्रम की स्थिति रही। हालांकि अधिकांश ने 14 जनवरी को ही मनाया। तड़के सूर्योदय से पूर्व घरों पर गंगाजल डालकर स्नान किया। इसके बाद चावल, दाल, अमरूद और गजक दान की गई। 14 गरीबों तो किसी ने कन्याओं को खिचड़ी भोज कराया।
आरएसएस समन्वय शाखा की ओर से सामूहिक खिचड़ी भोज सरस्वती शिशु मंदिर गौशाला के प्रांगण में किया गया। अध्यक्षता स्वयं सेवक जगन्नाथ ने की। संघ के विभाग कार्यवाह डा. रमाशंकर सिंह ने कहा जिस तरह खिचड़ी में दाल, चावल, सब्जी, मेवा और मसालों को मिलाकर स्वादिष्ट आहार बनता है, उसी तरह सभी जातियों का समावेश करके अच्छा समाज बनता है। रमाकांत उपाध्याय, प्रधानाचार्य अर्जुन सिंह ने कहा ये समरसता का पर्व है। भाजपा प्रवक्ता डा. अखिलेश शर्मा, शारीरिक शिक्षा प्रमुख विनोद चतुर्वेदी ने युवाओं को ब्रहम मुहूर्त में व्यायाम करने की सीख दी। हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय संयोजक दुर्गेश वर्मा ने एकजुट रहने का आह्वान किया। सनातन ब्राह्मण समाज ने डा. कृपाशंकर मिश्र के निर्देशन में खिचड़ी भोज का आयोजन किया।
एससी शर्मा ने अध्यक्षता, जिलाध्यक्ष शशिकांत शर्मा ने संचालन किया। ग्याप्रसाद भारद्वाज, नितिन शर्मा, राजकुमार सारस्वत के साथ अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। विधायक शिकोहाबाद ओमप्रकाश वर्मा ने जलेसर रोड स्थित आवास पर 500 गरीबों को कंबलों का वितरण किया। नवाब सिंह, राम खिलाड़ी वर्मा, अशोक यादव, भूरी सिंह, सुनील वर्मा, निहाल सिंह, राधाकिशन वर्मा आदि मौजूद थे। राष्ट्रीय समानता संत परिषद ने मकर संक्रांति के मौके पर रैपुरा रोड पर संतों को खिचड़ी भोज कराया। मुन्नालाल औघड़, लड़ैते बाबा, काली चरन आदि शामिल थे। चंबल घाटी बिनोवा भावे मिशन के मंडल अध्यक्ष दिलीप कुलश्रेष्ठ और उनकी मां ने खिचड़ी भोज के साथ कंबल का वितरण किया। उमेशचंद्र दुबे ने मकर संक्रांति पर्व का महत्व बताया। अनिल शर्मा, नेत्रपाल राजौरिया, रामशंकर राजौरिया, यतेंद्र सिंह, हरिवंश शर्मा आदि शामिल थे।
महंगे बिके तिल और गजक
मकर संक्रांति पर्व पर तिल से बनी गुड़ और चीनी की गजक की बिक्री सबसे ज्यादा हुई। ठेल वालों ने जहां 200 रुपया प्रति किलोग्राम तक गजक की बिक्री की वहीं प्रमुख दुकानों पर तीन सौ रुपया प्रति किलोग्राम तक मिल रही थी। तिल भी बुधवार को 180 रुपया प्रति किलोग्राम की दर से बिके।