जसराना। अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त को पारदर्शी बनाने और वित्तीय अपराधों पर लगाम लगाने के लिए शासन ने रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा फेरबदल किया है। अब जमीन या मकान की रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड के सत्यापन के साथ-साथ पैन कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब फॉर्म-60 भरकर रजिस्ट्री कराने की सुविधा को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा द्वारा जारी निर्देशों के बाद, अब क्रेता (खरीददार) और विक्रेता (बेचने वाला) दोनों के लिए पैन कार्ड होना अनिवार्य है। यदि किसी पक्षकार के पास पैन कार्ड नहीं है, तो वे संपत्ति का क्रय-विक्रय नहीं कर सकेंगे। जसराना के उपनिबंधक कार्यालय में शुक्रवार को इस नियम का कड़ाई से पालन देखा गया, जहां पैन कार्ड न होने के कारण कई लोग रजिस्ट्री नहीं करा सके।
आधार सत्यापन में भी आ रही दिक्कतें
नए नियमों के लागू होने के साथ ही तकनीकी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। आधार कार्ड के सत्यापन में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आधार सत्यापन से फर्जी पहचान पर लगाम लगी है, लेकिन सर्वर और पोर्टल की गति के कारण लोग परेशान हैं।
रजिस्ट्री में अब पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। फॉर्म-60 का विकल्प अब उपलब्ध नहीं है। आधार सत्यापन और 20 हजार से अधिक शुल्क का ऑनलाइन भुगतान पहले ही लागू है। इन कदमों से वित्तीय अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण होगा। शुक्रवार से जसराना में केवल पैन नंबर अंकित होने पर ही रजिस्ट्री की गई हैं।
- राजीव कुमार, प्रभारी सब रजिस्ट्रार, जसराना