यूपीएसआईडीसी में स्थापित उद्योगों से मेंटिनेंस चार्ज पांच गुना किए जाने से उद्यमी परेशान हैं। प्रशासन के फरमान के खिलाफ उद्यमी हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में उद्यमियों ने जलेसर रोड स्थित सीडीजीआई में बैठक कर रणनीति बनाई।
यूपीएसआईडीसी अध्यक्ष इं. राजकुमार शर्मा ने कहा कि अब तक आठ रुपये वर्गमीटर के हिसाब से मेंटिनेंस चार्ज वसूला जाता था, जिसे एकसाथ पांच गुना बढ़ाकर 40 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया है। उद्यमियों को 20 हजार से तीन लाख रुपये तक मेंटिनेंस चार्ज वसूलने को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। उद्यमी विनय गोयल ने कहा कि सरकार से भूखंड खरीदते समय लीज डीड में स्पष्ट था कि सरकार मेंटिनेंस शुल्क चार वर्ष के पश्चात अधिकतम दो रुपये प्रति वर्ग मीटर की वृद्धि कर सकती है। इसके बावजूद अनुबंध शर्तों को धता बताकर उद्योगों को उजाड़ने का कार्य किया जा रहा है। संयोजक पंकज जैन ने कहा कि करोड़ों रुपये मेंटिनेंस के नाम पर वसूलने के बाद भी यूपीएसआईडीसी क्षेत्र में समस्याओं का अंबार है। औद्योगिक क्षेत्र में जलनिकासी, बिजली समस्या है बनी है। सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। बैठक में उद्यमियों ने निर्णय लिया कि सरकार जब तक बढ़े हुए शुल्क को वापस नहीं लेती है, तब तक कोई भी उद्यमी मेंटिनेंस शुल्क जमा नहीं करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बढ़े हुए शुल्क को तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण लेंगे। बैठक में राजकुमार शर्मा, पंकज जैन, विनय गोयल, राकेश गर्ग, दीपक जैन, पंकज जैन, प्रशांत जैन, मुकेश जैन, धीरज सेठ, जेके जैन, मुकुल पाराशर, आकाश अग्रवाल, दिनेश शर्मा, रमाकांत उपाध्याय, दिनेश शर्मा, मिथलेश पालीवाल मौजूद थे।
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यूपीएसआईडीसी में यह भी हैं समस्यायें
- औद्योगिक क्षेत्र में दाऊ दयाल स्कूल, सेंट जोंस स्कूल को जमीन दे दी गई है, जिससे उद्योगों को एनओसी नहीं मिल पा रही
- करोड़ों रुपये मेंटिनेंस चार्ज वसूलने के बाद भी कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
- करोड़ों रुपयों से 12 साल पूर्व बनवाई गई पानी की टंकी आज भी बंद पड़ी है, जिससे उद्योगों के समक्ष पानी की गंभीर समस्या है
- औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं है।